द लोकतंत्र : सर्दियों के ठिठुरते मौसम में अत्यधिक गर्म चाय या कॉफी की एक चुस्की अत्यंत सुकूनदायक प्रतीत होती है, किंतु यह क्षणभंगुर सुख आपके स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। हाल ही में प्रकाशित एक चिकित्सीय अध्ययन ने वैश्विक स्तर पर चिंता उत्पन्न कर दी है। शोध के अनुसार, उच्च तापमान वाले पेय पदार्थों का निरंतर सेवन हमारी ‘ग्रासनली’ (Esophagus) यानी भोजन नली की संवेदनशील परत को गहराई से प्रभावित करता है। लंबे समय तक बना रहने वाला यह तापीय प्रभाव अंततः ग्रासनली के कैंसर (Esophageal Cancer) का मार्ग प्रशस्त करता है।
UK Biobank का विश्लेषण: ग्रासनली पर आघात
यूके बायोबैंक (UK Biobank) द्वारा किए गए गहन अनुसंधान में यह तथ्य उभरकर सामने आया है कि पेय पदार्थों का अत्यधिक तापमान भोजन नली के ऊतकों (Tissues) के लिए असहनीय होता है।
- संवेदनशील संरचना: भोजन नली एक अत्यंत कोमल मांसपेशीय नली है। जब हम 65°C से अधिक तापमान वाले तरल पदार्थ पीते हैं, तो यह नली की आंतरिक श्लेष्म झिल्ली (Mucous Membrane) को जला देता है।
- तापीय चोट (Thermal Injury): बार-बार होने वाली यह जलन ग्रासनली की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव पैदा करती है। शरीर इन क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करने का प्रयास करता है, लेकिन निरंतर प्रहार के कारण मरम्मत की यह प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण हो सकती है, जो कैंसरयुक्त ट्यूमर के विकास का कारण बनती है।
कैंसर का विकास चक्र: कोशिकीय क्षति का विज्ञान
ग्रासनली का कैंसर अचानक उत्पन्न नहीं होता, बल्कि यह वर्षों की लापरवाही का परिणाम है।
- पुरानी जलन (Chronic Irritation): अत्यधिक गर्म पदार्थों के संपर्क में आने से कोशिकाओं का DNA क्षतिग्रस्त हो सकता है।
- बैरेट ओसोफैगस: लगातार होने वाली जलन से भोजन नली की कोशिकाएं अपना स्वरूप बदलकर आंतों की कोशिकाओं जैसी होने लगती हैं, जिसे ‘बैरेट ओसोफैगस’ कहा जाता है। यह कैंसर के प्रारंभिक चरण की एक गंभीर चेतावनी है।
सजगता ही बचाव: लक्षणों को पहचानें
चिकित्सकों के अनुसार, यदि प्रारंभिक अवस्था में लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो उपचार की सफलता दर अधिक होती है। मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
- डिस्पैगिया: भोजन निगलते समय कठिनाई या अटकने का अनुभव होना।
- अकारण वजन घटना: बिना किसी प्रयास के शरीर का भार कम होना।
- रक्तस्त्राव: खांसी में रक्त आना या उल्टी में खून का दिखना।
- लगातार सीने में जलन: जिसे अक्सर सामान्य एसिडिटी समझकर अनदेखा कर दिया जाता है।
चिकित्सीय परामर्श
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने भी अत्यधिक गर्म पेय पदार्थों को ‘संभावित कैंसरकारी’ (Carcinogenic) माना है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि चाय या कॉफी को कप में डालने के बाद कम से कम 4 से 5 मिनट तक ठंडा होने दें। जब तापमान पीने लायक (लगभग 50°C-55°C) हो जाए, तभी उसका सेवन करें।
निष्कर्षतः, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही गंभीर बीमारियों से बचने का एकमात्र विकल्प है। सर्दियों का आनंद अवश्य लें, किंतु अत्यधिक गर्म पदार्थों के सेवन से बचें। आपका एक छोटा सा संयम आपको कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रख सकता है।

