द लोकतंत्र : वैश्विक स्तर पर जल के पश्चात सर्वाधिक सेवन किए जाने वाले पेय पदार्थों में कॉफी अग्रणी है। किंतु, स्वास्थ्य समीक्षकों के मध्य सदैव यह विवाद रहा है कि क्या कॉफी का तापमान उसके पोषक मूल्यों को परिवर्तित करता है। हालिया वैज्ञानिक अध्ययनों, विशेषकर थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी के शोध ने स्पष्ट किया है कि हॉट और कोल्ड कॉफी के रासायनिक गुणों में सूक्ष्म किंतु महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। जहाँ कोल्ड कॉफी अपने स्वाद के लिए जानी जाती है, वहीं हॉट कॉफी ने एंटीऑक्सीडेंट और मेटाबॉलिज्म के मोर्चे पर बढ़त बनाई हुई है।
एंटीऑक्सीडेंट स्तर: थर्मल निष्कर्षण का विज्ञान
वैज्ञानिक शोध दर्शाते हैं कि गर्म पानी कॉफी बीन्स से अधिक प्रभावी ढंग से पोषक तत्वों को निकालता है।
- क्लोरोजेनिक एसिड: वर्ष 2018 की एक प्रमुख स्टडी के अनुसार, हॉट कॉफी में कोल्ड ब्रू की तुलना में 20-30% अधिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये यौगिक कोशिकाओं को होने वाले नुकसान (ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस) से बचाते हैं।
- रोग निवारण: गर्म कॉफी का नियमित सेवन टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोगों के जोखिम को न्यूनतम करने में सहायक पाया गया है।
मेटाबॉलिज्म और थर्मोजेनेसिस: कैलोरी दहन की प्रक्रिया
वजन घटाने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए हॉट कॉफी एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करती है।
- थर्मोजेनिक प्रभाव: गर्म पेय पदार्थ शरीर के आंतरिक तापमान में अस्थायी वृद्धि करते हैं, जिसे थर्मोजेनेसिस कहा जाता है। यह प्रक्रिया कैलोरी बर्न करने में सहायता करती है। 2. मेटाबॉलिक रेट: हार्वर्ड न्यूट्रिशन के तथ्य पुष्टि करते हैं कि ब्लैक हॉट कॉफी मेटाबॉलिज्म को 5-11% तक तीव्र कर सकती है। यह वसा ऑक्सीकरण (Fat Oxidation) को बढ़ावा देकर पूंजीकृत वसा को ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
कोल्ड कॉफी की चुनौतियां: अतिरिक्त कैलोरी का जोखिम
- यद्यपि कोल्ड कॉफी का मूल कैफीन स्तर समान होता है, किंतु इसकी बनावट अक्सर अस्वास्थ्यकर हो जाती है। कोल्ड कॉफी को स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमें अत्यधिक चीनी, फ्लेवर्ड सिरप और व्हीप्ड क्रीम का उपयोग किया जाता है। यह न केवल मेटाबॉलिज्म को मंदा करती है, अपितु इंसुलिन सेंसिटिविटी को भी प्रभावित करती है, जिससे वजन घटने के बजाय बढ़ सकता है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का अंतिम परामर्श यही है कि यदि उद्देश्य अधिकतम एंटीऑक्सीडेंट और ऊर्जा प्राप्त करना है, तो हॉट कॉफी सर्वश्रेष्ठ है। हालांकि, कोल्ड कॉफी का आनंद भी लिया जा सकता है, बशर्ते उसे बिना चीनी और कम वसा वाले विकल्पों के साथ बनाया जाए। अंततः, कॉफी की गुणवत्ता बीन्स की शुद्धता और मिश्रण की पद्धति पर निर्भर करती है।

