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Periods After Delivery: डिलीवरी के बाद कब शुरू होते हैं पीरियड्स? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर्स और कैसे रखें ख्याल

The loktnatra

द लोकतंत्र : मां बनना दुनिया का सबसे सुखद अहसास है, लेकिन यह सफर महिला के शरीर में कई बड़े बदलाव लेकर आता है। डिलीवरी के बाद जहां एक ओर नई मां अपने बच्चे की देखभाल में जुटी होती है, वहीं दूसरी ओर उसके मन में अपनी सेहत को लेकर कई सवाल भी होते हैं। इनमें से सबसे आम सवाल है— “डिलीवरी के बाद पीरियड्स कब वापस आएंगे?”

इसका जवाब हर महिला के लिए अलग हो सकता है। किसी को प्रसव के 6 हफ्ते बाद ही पीरियड्स आ जाते हैं, तो किसी को साल भर तक इंतज़ार करना पड़ता है। आइए जानते हैं कि इस देरी की वजह क्या है और डॉक्टर्स इस बारे में क्या राय रखते हैं।

कब होती है पीरियड्स की वापसी?

आमतौर पर पीरियड्स की वापसी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने बच्चे को स्तनपान (Breastfeeding) करा रही हैं या नहीं।

  • ब्रेस्टफीडिंग न कराने पर: जो महिलाएं स्तनपान नहीं करातीं, उनमें पीरियड्स डिलीवरी के 6 से 12 हफ्तों के भीतर लौट सकते हैं।
  • पूरी तरह ब्रेस्टफीडिंग कराने पर: जो महिलाएं केवल स्तनपान कराती हैं, उनमें पीरियड्स आने में 6 महीने से लेकर डेढ़ साल तक का समय लग सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

गाइनकॉलजिस्ट डॉक्टर नीतू सिंह बताती हैं कि स्तनपान के दौरान शरीर में प्रोलैक्टिन (Prolactin) नामक हार्मोन बनता है। यह हार्मोन दूध बनाने में तो मदद करता है, लेकिन ओव्यूलेशन (अंडा बनने की प्रक्रिया) को रोक देता है। यही कारण है कि पीरियड्स टल जाते हैं। यह प्रकृति का अपना तरीका है, जिससे दो बच्चों के बीच अंतर बनाए रखने में मदद मिलती है। हालांकि, डॉक्टर यह भी चेतावनी देती हैं कि पीरियड्स न आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप दोबारा प्रेग्नेंट नहीं हो सकतीं, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।

पीरियड्स को नियमित करने के लिए अपनाएं ये तरीके

डिलीवरी के बाद शरीर को दोबारा बैलेंस में लाने के लिए सही देखभाल बहुत जरूरी है।

1. सही पोषण और डाइट: डिलीवरी के दौरान शरीर से काफी खून निकल जाता है, जिसकी भरपाई के लिए आयरन से भरपूर चीजें जैसे पालक, दालें और अनार खाएं। इसके अलावा, ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए अखरोट और अलसी का सेवन करें। ये चीजें हार्मोनल संतुलन बनाने में मदद करती हैं।

2. हाइड्रेशन का रखें ध्यान: दिनभर में पर्याप्त पानी पीना न केवल दूध बनाने में मदद करता है, बल्कि शरीर की रिकवरी को भी तेज करता है। इससे थकान कम होती है और शरीर अंदर से साफ रहता है।

3. हल्की एक्सरसाइज: जैसे ही डॉक्टर आपको इजाजत दें, हल्की वॉक (टहलना) शुरू करें। हल्का व्यायाम और स्ट्रेचिंग ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं, जिससे तनाव कम होता है और पीरियड्स धीरे-धीरे अपने नॉर्मल साइकिल पर आ जाते हैं।

डिलीवरी के बाद पीरियड्स की देरी पूरी तरह सामान्य है। बस अपने खान-पान पर ध्यान दें और शरीर को रिकवर होने का पूरा समय दें। अगर पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा दर्द या भारी ब्लीडिंग हो, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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