द लोकतंत्र : थायरॉइड की समस्या को आमतौर पर वजन बढ़ना, मूड स्विंग या थकान से जोड़ा जाता है, लेकिन अक्सर लोग यह नहीं जानते कि यह ग्रंथि शरीर में लगातार दर्द का भी एक बड़ा कारण बन सकती है। बहुत से लोग थायरॉइड हार्मोन के असंतुलन के चलते मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में अकड़न या लगातार गर्दन में दर्द महसूस करते हैं, जिसे वे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
जब शरीर में थायरॉइड हार्मोन (T3, T4) का स्तर गड़बड़ा जाता है, तो शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन और दर्द जैसी समस्याएं धीरे-धीरे सामने आने लगती हैं, जिससे इलाज में देरी हो सकती है।
दर्द का मुख्य कारण: मेटाबॉलिज्म का नियंत्रण
थायरॉइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म, हार्मोन और कई जरूरी कार्यों को नियंत्रित करती है। जब यह ग्रंथि जरूरत से ज्यादा (हाइपरथायरॉइडिज्म) या कम (हाइपोथायरॉइडिज्म) हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर के टिश्यूज (ऊतकों) में सूजन, कमजोरी और दर्द जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
1. गर्दन और गले का दर्द (Thyroiditis)
थायरॉइड से जुड़ा दर्द कई बार धीरे-धीरे गर्दन में बढ़ता है।
- सूजन: कुछ मामलों में ग्रंथि में सूजन आ जाती है, जिसे थायरॉइडाइटिस कहते हैं, जिससे गर्दन या गले में कोमलता और दर्द महसूस होता है।
- फैलाव: यह दर्द जबड़े या कान तक भी फैल सकता है। गले में गॉइटर (Goiter) यानी गांठ होने पर भी असहजता बढ़ सकती है।
2. मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
थायरॉइड असंतुलन का सबसे आम प्रभाव मांसपेशियों और जोड़ों पर दिखता है।
- हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism): जब हार्मोन का स्तर कम होता है, तो मांसपेशियां कमजोर, अकड़ी हुई और दर्दभरी महसूस होती हैं, खासतौर पर कंधों और ऊपरी बाजुओं में।
- हाइपरथायरॉइडिज्म (Hyperthyroidism): इसके कारण ऊपरी बाजुओं और पैरों में क्रैम्प या अचानक थकान महसूस हो सकती है।
3. गठिया जैसे लक्षण
कई बार थायरॉइड की समस्या के कारण जोड़ों में अकड़न और सूजन (Stiffness and Swelling) भी होती है।
- गठिया का भ्रम: हाइपोथायरॉइडिज्म में यह दर्द गठिया (Arthritis) जैसे लक्षण पैदा कर सकता है, जिसमें जोड़ों में जकड़न और कोमलता महसूस होती है।
- इलाज में देरी: ये लक्षण अक्सर किसी और बीमारी के रूप में समझ लिए जाते हैं, जिससे थायरॉइड के सही इलाज में देरी हो जाती है।
असामान्य जगहों पर दर्द
कुछ मामलों में दर्द शरीर के असामान्य हिस्सों में भी दिखाई देता है, जैसे कि पीठ, कंधों या सीने में। हालांकि सीने में दर्द हमेशा एक गंभीर लक्षण होता है और डॉक्टर से तुरंत जांच जरूरी है, लेकिन यदि इसके साथ थायरॉइड के अन्य लक्षण भी हों, तो यह ग्रंथि से जुड़ा संकेत हो सकता है।
कब कराएं जांच?
अगर आपको लगता है कि शरीर का दर्द थायरॉइड से जुड़ा हो सकता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- लक्षणों का रिकॉर्ड: अपने लक्षणों का रिकॉर्ड रखें: कब और कहां दर्द होता है, किन परिस्थितियों में बढ़ता या घटता है।
- अन्य संकेत: वजन, मूड, भूख और गर्दन की सूजन जैसे लक्षणों पर भी नजर रखें।
- खून की जांच: TSH, T3 और T4 की खून की जांच से थायरॉइड की स्थिति का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
थायरॉइड से जुड़ा दर्द कम करने के लिए सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल, फिजिकल थेरेपी और दर्द प्रबंधन की जरूरत होती है। समय रहते इसका इलाज करने से न सिर्फ दर्द में राहत मिलती है, बल्कि जीवन की क्वालिटी और गतिशीलता भी बनी रहती है।
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जानकारियों और विशेषज्ञ की राय पर आधारित है। ‘द लोकतंत्र’ किसी भी बीमारी के उपचार का दावा नहीं करता है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए हमेशा डॉक्टर से परामर्श लें।

