द लोकतंत्र : दुनिया की सबसे लोकप्रिय और क्लासिक ड्रिंक्स में वोडका का नाम सबसे ऊपर आता है। रूस और पोलैंड से लेकर यूरोप और अमेरिका तक इसे बड़े चाव से पिया जाता है। भारत में भी युवाओं के बीच वोडका का चलन तेजी से बढ़ा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक्सपर्ट्स का मानना है कि करीब 90 प्रतिशत लोग वोडका को गलत तरीके से पीते हैं।
लोग वोडका गलत क्यों पीते हैं?
डायरेक्ट, बिना ठंडा किए:
कई लोग वोडका को कमरे के तापमान पर ही पी लेते हैं, जबकि इसका असली स्वाद आइस-कोल्ड (बर्फीला) करके आता है।
गलत गिलास का इस्तेमाल:
अक्सर लोग बीयर मग या बड़े ग्लास में वोडका डालकर पीते हैं, जबकि असली टेस्टिंग छोटे शॉट ग्लास या टंबलर में ही मिलती है।
ज्यादा मिक्सिंग:
वोडका का स्वाद न्यूट्रल और स्मूद होता है। लेकिन कई लोग इसे एनर्जी ड्रिंक, सोडा या फ्लेवर्ड ड्रिंक के साथ मिलाकर पीते हैं, जिससे इसका ओरिजिनल टेस्ट दब जाता है।
खाने के साथ न लेना:
रूस और पोलैंड में वोडका हमेशा खाने के साथ परोसी जाती है, जैसे स्मोक्ड फिश, पिकल्स, ब्रेड या मीट। भारत में अक्सर लोग इसे खाली पेट लेते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
वोडका पीने का सही तरीका
हमेशा ठंडी पिएं – वोडका को -7°C से 0°C तक फ्रीजर में ठंडा करके परोसा जाए तो इसका स्मूद और असली स्वाद आता है।
शॉट ग्लास का इस्तेमाल करें – छोटे शॉट ग्लास में परोसने से मात्रा कंट्रोल में रहती है और अनुभव बेहतर होता है।
धीरे-धीरे चखें – वोडका को सिर्फ “शॉट” की तरह तुरंत खत्म करने के बजाय धीरे-धीरे चखें। जीभ पर घुमाकर इसका टेक्सचर और फ्लेवर महसूस करें।
सही खाने के साथ लें – हल्के स्नैक्स, चीज़, पिकल्स, ब्रेड या मीट डिशेज के साथ वोडका पीने का मज़ा दोगुना हो जाता है।
मिक्सिंग सोच-समझकर करें – नींबू का रस, क्रैनबेरी जूस, टमाटर जूस (ब्लडी मैरी) या सोडा वॉटर वोडका के लिए सबसे अच्छे मिक्सर माने जाते हैं।
फैक्ट्स और हेल्थ रिसर्च
रूस में वोडका को “नेशनल ड्रिंक” कहा जाता है और वहां इसे खाने के साथ पीने की परंपरा है।
जर्नल ऑफ अल्कोहल स्टडीज़ की रिपोर्ट के अनुसार, ठंडी वोडका पीने से गैस्ट्रिक इफेक्ट्स कम होते हैं और स्वाद बैलेंस रहता है।
खाली पेट वोडका लेने से ब्लड शुगर अचानक गिर सकता है और हैंगओवर अधिक तेज हो सकता है।
अगर आप भी वोडका पीने के शौकीन हैं, तो इन टिप्स का पालन करें। इससे न सिर्फ आपको असली स्वाद मिलेगा बल्कि स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर कम होगा।

