द लोकतंत्र : राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद अयोध्या नगरी का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य अभूतपूर्व रूप से व्यापक हुआ है। देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटक भी शहर के इस बदलते स्वरूप को देखकर उत्तर प्रदेश सरकार की खुलकर सराहना कर रहे हैं। अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना कार्यक्रम को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह है और तीर्थयात्रियों का निरंतर तांता लगा हुआ है। इस धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास का सीधा और सकारात्मक प्रभाव शहर की अर्थव्यवस्था, होटल इंडस्ट्री और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
विदेशी पर्यटकों का उत्साह और अनुभव
अयोध्या के विश्वस्तरीय विकास को विदेशी पर्यटक भी खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं। रूस से आईं पर्यटक ईवा ने अयोध्या के विकास की जमकर तारीफ की।
- व्यवस्थाओं की सराहना: ईवा ने कहा कि अयोध्या एक भव्य और सुंदर आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने ठहरने और सुविधाओं की विश्वस्तरीय व्यवस्थाओं को सराहा, साथ ही शहर की साफ-सफाई और दिव्य वातावरण की भी प्रशंसा की।
- भारतीय संस्कृति की शक्ति: उनके अनुसार, अयोध्या में मिलने वाली सुकूनभरी अनुभूति और श्रद्धामय ऊर्जा उन्हें भारतीय संस्कृति की विराट शक्ति का अनुभव कराती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आध्यात्मिक दृष्टि और भारतीय संस्कृति को प्रमोट करने के अतुलनीय प्रयासों की विशेष सराहना की।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रिकॉर्ड निवेश
अयोध्या के आर्थिक विकास में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उडुपी टू मुंबई रेस्टोरेंट के मैनेजर शैलेंद्र कुमार अवस्थी ने बताया कि अयोध्या में 100 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से ₹70 करोड़ रुपये पहले ही लगाए जा चुके हैं।
- कारोबार में वृद्धि: उनके रेस्टोरेंट में प्रतिदिन 2000 से 3000 लोग भोजन के लिए आते हैं, जिसकी संख्या विशेष अवसरों पर 5000 तक पहुँच जाती है। प्रत्येक महीने 5 से 6 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है।
- रोजगार सृजन: इस वृद्धि से स्थानीय युवाओं और पड़ोसी जिलों के लोगों को नियमित रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
छोटे कारोबार और गेस्ट हाउस की बढ़ी आय
पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से छोटे होटल और गेस्ट हाउस भी समृद्ध हुए हैं, जो जमीनी स्तर पर विकास का प्रमाण है। सब्जी मंडी स्थित काका गेस्ट हाउस के मैनेजर दुर्गेश वर्मा ने बताया कि पहले उनका प्रतिदिन का कारोबार ₹3000 रुपये था, जो अब ₹15000 रुपये प्रतिदिन तक पहुँच गया है, यानि आय में पाँच गुना की वृद्धि हुई है। अधिकांश दिनों में होटल फुल रहता है, और विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से आय में और तेजी आई है।
राम मंदिर के आसपास के क्षेत्रों जैसे रामपथ, हनुमानगढ़ी और सरयू घाट पर श्रद्धालुओं की निरंतर आवाजाही ने अयोध्या के वातावरण को दिनभर जीवंत बनाए रखा है। अयोध्या अब केवल एक धार्मिक धरोहर नहीं, बल्कि आधुनिक व्यवस्थाओं से सुसज्जित विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगर के रूप में उभरी है।

