द लोकतंत्र/ वाराणसी : विश्व की प्राचीनतम जीवित नगरी काशी केवल धार्मिक और आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और गंगा की पवित्रता से भी जुड़ी है। यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आते हैं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में प्लास्टिक प्रदूषण ने घाटों और गलियों की स्वच्छता को गहरी चुनौती दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब वाराणसी को प्लास्टिक मुक्त काशी (Plastic Free Kashi) बनाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत हुई है।
होप वेलफेयर ट्रस्ट ने साइन किया एमओयू (MoU)
होप वेलफेयर ट्रस्ट, एचडीएफसी परिवर्तन और वाराणसी नगर निगम के बीच एक एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य है – प्लास्टिक मुक्त काशी, ग्रीन काशी और क्लीन काशी का सपना साकार करना। इस पहल के तहत शहरभर में 2.5 लाख कपड़े के बैग वितरित किए जाएंगे।
घाटों से जुटाए कपड़ों से बनेंगे बैग
कपड़े के बैग्स को खासतौर पर ग्रीन आर्मी की महिलाओं द्वारा तैयार किया जाएगा। खास बात यह है कि इन थैलों के लिए कपड़े उन्हीं वस्त्रों से जुटाए जाएंगे जिन्हें श्रद्धालु काशी के घाटों पर छोड़ जाते हैं। इससे न केवल प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगेगी बल्कि इन कपड़ों का सकारात्मक पुन: उपयोग (Recycle) भी होगा।
इस पहल से काशी की महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक नया द्वार खुलेगा। बैग बनाने का कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा और साथ ही उन्हें समाज में पर्यावरण योद्धा के रूप में भी पहचान दिलाएगा।
नगर निगम की पहल, दुकानदारों को लाभ
नगर निगम के सहयोग से ये बैग शहर के दुकानदारों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे, ताकि वे ग्राहकों को प्लास्टिक की जगह कपड़े के बैग दें। इससे न केवल बाजारों और गलियों से प्लास्टिक हटेगा बल्कि लोग भी स्वच्छता के इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। होप वेलफेयर ट्रस्ट के दिव्यांशु उपाध्याय ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट ग्रीन बाय होप’ से तीन बड़े लक्ष्य हासिल होंगे –
- स्वच्छ गंगा और घाट : प्लास्टिक कचरे में भारी कमी आएगी।
- महिला सशक्तिकरण : ग्रीन आर्मी की महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी।
- ग्रीन एनवायरनमेंट : काशी का वातावरण स्वच्छ और हरित बनेगा।
काशी को विश्व ने हमेशा ज्ञान, धर्म और अध्यात्म की नगरी के रूप में जाना है। अब समय है कि इसे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल शहर के रूप में भी दुनिया पहचाने। Plastic Free Kashi, Green Kashi, Clean Kashi का यह अभियान उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

