द लोकतंत्र/ लखनऊ : लखनऊ में पेट केयर सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां भारत का पहला AI-पावर्ड पेट फूड ट्रक ‘HobbsGo On Wheels’ लॉन्च किया गया है। यह पहल न केवल पालतू जानवरों के लिए ताज़ा और हेल्दी भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि टेक्नोलॉजी और न्यूट्रिशन के संयोजन का भी बेहतरीन उदाहरण है।
इस स्टार्टअप की शुरुआत सॉफ्टवेयर इंजीनियर उर्वशी श्रीवास्तव और क्षितिज वर्मा ने की है, जिन्होंने यूरोप में पेट केयर इंडस्ट्री के उन्नत मॉडल को देखते हुए भारत में इसी तरह की सुविधा शुरू करने का लक्ष्य बनाया। ‘HobbsGo On Wheels’ एक साधारण फूड ट्रक नहीं, बल्कि एक AI-ड्रिवन स्मार्ट पेट न्यूट्रिशन हब है, जो पालतू जानवरों के लिए पर्सनलाइज्ड डाइट और ताज़ा भोजन प्रदान करता है।
AI तकनीक से स्मार्ट डिलीवरी और पर्सनलाइज्ड न्यूट्रिशन
इस फूड ट्रक की सबसे बड़ी खासियत इसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली है। AI Predictive Routing के जरिए यह तय किया जाता है कि ट्रक किस इलाके में कब पहुंचेगा, जिससे मांग के अनुसार समय पर डिलीवरी सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा Smart-Select Personalization फीचर के तहत पालतू जानवरों की उम्र, वजन, ब्रीड और हेल्थ कंडीशन के आधार पर उनके लिए उपयुक्त डाइट प्लान तैयार किया जाता है।
स्टार्टअप का अनोखा कॉन्सेप्ट “You Bring the Base, We Bring the Taste” भी चर्चा में है, जिसमें पेट ओनर्स अपने नियमित फूड के साथ हेल्दी और टेस्टी टॉपर्स जोड़ सकते हैं। इससे भोजन अधिक पोषक और संतुलित बनता है।
लखनऊ से शुरुआत, पूरे देश में विस्तार की योजना
लखनऊ को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यहां तेजी से पेट ओनरशिप और हेल्थ अवेयरनेस बढ़ रही है, लेकिन अभी भी फ्रेश और कस्टमाइज्ड पेट फूड की कमी है। HobbsGo इस गैप को भरने की कोशिश कर रहा है।
इस पहल से भारत के पेट केयर इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। यह पैकेज्ड फूड से फ्रेश फूड की ओर शिफ्ट, AI के बढ़ते उपयोग और डायरेक्ट-टू-कस्टमर (D2C) मॉडल को बढ़ावा देगा। भविष्य में कंपनी दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में विस्तार, मोबाइल ऐप लॉन्च और सब्सक्रिप्शन मॉडल शुरू करने की योजना बना रही है। फ़ाउंडर्स का कहना है कि ‘HobbsGo On Wheels’ न केवल एक स्टार्टअप है, बल्कि यह एक नई सोच का प्रतीक है, जहां टेक्नोलॉजी और पेट केयर मिलकर पालतू जानवरों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

