द लोकतंत्र : महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर के जूना गंज इलाके से गुरुवार देर शाम दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने प्रेम संबंध और परिवार की स्वीकृति के सामाजिक संघर्ष को एक बार फिर गंभीर रूप से उजागर किया है। 23 वर्षीय युवक सक्षम ताटे की उसके प्रेमिका के परिजनों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई। यह मामला तथाकथित ‘ऑनर किलिंग’ की श्रेणी में आता है, जहाँ व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर परिवार की संकीर्ण सोच हावी हो गई।
हत्या का खौफनाक घटनाक्रम
मृतक सक्षम ताटे का एक स्थानीय लड़की से बीते तीन साल से प्रेम संबंध चल रहा था, जिसे लड़की के परिजन स्वीकार नहीं कर रहे थे।
- साजिश: लव अफेयर का सिलसिला चलता रहा, तो लड़की के पिता गजानन मामिलवार ने अपने दोनों बेटों साहिल और हिमेश तथा एक दोस्त के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची।
- निर्मम हत्या: आरोप है कि हमलावरों ने सक्षम पर पहले गोली चलाई, फिर मरणासन्न हालत में उसके सिर पर बड़ा पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी।
- पूर्व सूचना: यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि हत्या से मात्र दो घंटे पहले लड़की की माँ सक्षम के घर गई थी और उसे बेटी से दूरी बनाए रखने की धमकी दी थी।
प्रेमिका का भावनात्मक प्रतिकार
हत्या के बाद प्रेमिका ने जो कदम उठाया, वह गहरे प्रेम और सामाजिक विरोध का प्रतीक बन गया।
- अंतिम सम्मान: सक्षम का शव जब घर लाया गया, तो बदहवास लड़की तुरंत वहाँ पहुंची। उसने प्रेमी के अंतिम संस्कार से पहले उसे हल्दी और कुमकुम लगाया और स्वयं भी माथे पर सिंदूर लगाया। यह दृश्य देखकर वहाँ मौजूद सभी लोग फफक पड़े।
पुलिस कार्रवाई और न्याय की मांग
इस सनसनीखेज मामले में मृतक की माँ की शिकायत पर इतवारा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है।
- FIR: लड़की के माता-पिता, उसके दोनों भाइयों (साहिल और हिमेश मामिलवार) और अन्य साथियों सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
- प्रेमिका का बयान: लड़की ने साहस दिखाते हुए अपने माता-पिता और भाई के लिए फाँसी की सजा की मांग की है। उसने आरोप लगाया कि यह हत्या जातिगत झगड़े के कारण की गई। लड़की ने साफ कहा कि सक्षम भले ही अब नहीं रहा, वह अब भी उससे प्यार करती है और उसके घर पर ही रहेगी।
- जांच: डीएसपी प्रशांत शिंदे के मुताबिक, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है, जिसमें आरोपियों के क्रिमिनल बैकग्राउंड की जानकारी भी शामिल है।
यह घटना आधुनिक भारत में व्यक्तिगत चुनाव और पारंपरिक मूल्यों के बीच चल रहे संघर्ष की विभीषिका को गहराई से दर्शाती है। न्याय की अपेक्षा है कि सक्षम को शीघ्र और समुचित न्याय मिले।

