द लोकतंत्र/ लखनऊ : ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज में गुरुवार को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा (यूपी बोर्ड परीक्षा 2026) को लेकर अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी Medha Rupam ने की। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आगामी 18 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलमुक्त तरीके से संपन्न कराने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में जिले के सभी 60 परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट शामिल हुए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी और कर्मचारी समय से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहें और परीक्षा प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप पूरा करें। देरी या अनुपस्थिति की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
स्ट्रांग रूम और डबल लॉक व्यवस्था पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित स्ट्रांग रूम तैयार करने के निर्देश दिए, जहां प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रखी जाएंगी। इन कमरों की 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम में रखी चार डबल लॉक अलमारियों की व्यवस्था पूरी तरह नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
निर्देश दिया गया कि परीक्षा के दिन प्रश्न पत्र का लिफाफा खोलने से पहले केंद्र व्यवस्थापक, सह केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की संयुक्त उपस्थिति अनिवार्य होगी। बिना इन तीनों की मौजूदगी के कोई भी पैकेट नहीं खोला जाएगा। चाबियों की सुरक्षा और रिकॉर्ड का संधारण भी नियमानुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था
डीएम मेधा रूपम ने परीक्षा केंद्रों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और छात्रों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक उपचार और साफ शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस विभाग को भी निर्देशित किया गया कि परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर शांति व्यवस्था कायम रखें और किसी भी तरह की भीड़ या अव्यवस्था न होने दें। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक Rajesh Kumar Singh ने बताया कि इस वर्ष जिले में करीब 42,917 छात्र-छात्राएं यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। सभी 60 परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्रों की सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और निगरानी तंत्र की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
बैठक में यह दोहराया गया कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। नकल या किसी भी प्रकार की अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और विद्यार्थियों को सुरक्षित व अनुकूल वातावरण मिले।

