द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र के दौरान निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसदों को जल्द राहत मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और सस्पेंशन वापस लेने पर सहमति बनती दिखाई दे रही है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को संसद में इन सांसदों का निलंबन समाप्त करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है। बैठक में यह भी तय किया गया कि भविष्य में सदन के भीतर पोस्टर, प्लेकार्ड या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार तस्वीरों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और सभी सदस्य सदन की गरिमा बनाए रखने का प्रयास करेंगे।
गौरतलब है कि 4 फरवरी को बजट सत्र के दौरान लोकसभा में भारी हंगामे के बाद आठ विपक्षी सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। उस समय सदन में पूर्वी लद्दाख में चीन से जुड़े सीमा विवाद के संदर्भ को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी। हंगामे के दौरान कुछ सांसदों पर नियमों का उल्लंघन करने और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप लगाए गए थे।
स्पीकर ओम बिरला ने जताई चिंता, मर्यादा बनाए रखने की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में बढ़ते हंगामे और विरोध के तौर-तरीकों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को पत्र लिखकर कहा कि संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
बिरला ने कहा कि पिछले कुछ समय से संसद परिसर और सदन के भीतर जिस तरह बैनर, पोस्टर और प्लेकार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह चिंता का विषय है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सदन में इस्तेमाल की जा रही भाषा और आचरण भी लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से अपील की कि वे अपने-अपने सांसदों को अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने के लिए प्रेरित करें। स्पीकर ने कहा कि संसद देश के लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्था है और यहां होने वाली गतिविधियों पर पूरे देश की नजर रहती है।
ओम बिरला के अनुसार यदि सभी राजनीतिक दल मिलकर संसद की परंपराओं और गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रयास करेंगे तो जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल इस दिशा में सकारात्मक सहयोग देंगे और संसद की प्रतिष्ठा को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

