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Bengaluru में 400 घर ढहाए जाने पर कांग्रेस में घमासान! केसी वेणुगोपाल ने जताई नाराजगी

A major controversy erupts in Congress over the demolition of 400 houses in Bengaluru! KC Venugopal expresses displeasure.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कर्नाटक की राजधानी Bengaluru के कोगिलु गांव में अवैध निर्माण के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई अब राजनीतिक बवाल का रूप ले चुकी है। हाल ही में यहाँ 400 से अधिक घरों को बुलडोज़र से गिराए जाने के बाद कांग्रेस सरकार विपक्ष ही नहीं, खुद अपनी पार्टी के सवालों के घेरे में है।

इस मुद्दे ने तूल तब पकड़ा जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से बात कर इस कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अधिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ होनी चाहिए थी, ताकि लोगों पर कम से कम प्रभाव पड़े। वेणुगोपाल के मुताबिक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे प्रभावित परिवारों से खुद मिलेंगे और पुनर्वास एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

इस बीच, बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड की ओर से झील किनारे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के आधार पर यह अभियान चलाया गया। 22 दिसंबर की सुबह चार बजे फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट में चले इस ऑपरेशन में काफी संख्या में पुलिस बल व जेसीबी तैनात रहे।

400 घर ढहाए जाने के बाद Siddaramaiah सरकार पर सवालों की बौछार

स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और अचानक घर खाली करवाकर ढहाए गए, जिसके चलते सैकड़ों लोग बेघर हो गए। प्रभावितों में बहुत बड़ी संख्या में मुस्लिम परिवार शामिल होने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया। कई वीडियो और तस्वीरें सामने आईं जिनमें महिलाओं और बच्चों को घर का सामान सड़क पर बिखरा रहने के बीच रोते-बिलखते देखा गया।

घटनाक्रम के बाद इस पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी टिप्पणी की और सिद्धारमैया सरकार पर ‘बुलडोज़र राजनीति’ का आरोप लगाया। जवाब में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विजयन से कहा कि वह कर्नाटक के मामलों में दखल न दें। शिवकुमार ने कहा कि तथ्यों की जांच किए बिना टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है और अतिक्रमित भूमि हटाना कानूनन आवश्यक था। लेकिन राजनीतिक रूप से यह विवाद कांग्रेस के लिए असहज है, क्योंकि विपक्ष में रहते हुए पार्टी बुलडोज़र कार्रवाई पर लगातार सवाल उठाती रही है।

अब निगाहें इस पर हैं कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को किस तरह राहत देगी और पुनर्वास प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ेगी। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार घायलों, महिलाओं और बच्चों वाले परिवारों के लिए मुआवज़ा, ठिकाने की व्यवस्था और कानूनी सहायता जैसे फैसले जल्द ले सकती है। फिलहाल कोगिलु की इस कार्रवाई ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और यह आने वाले दिनों में सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।

Team The Loktantra

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