द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव नतीजे सामने आने लगे हैं और तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए महायुति गठबंधन (NDA) ने शानदार जीत दर्ज की है। सबसे बड़ा झटका मुंबई में देखने को मिला है, जहां बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर करीब 20 साल से चला आ रहा उद्धव ठाकरे गुट का दबदबा टूट गया है।
अब बीएमसी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। मुंबई में बीजेपी ने एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और इसका सीधा फायदा गठबंधन को मिला।
अमित शाह बोले- मोदी की विकास नीति पर देश का भरोसा
इस बड़ी जीत पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की बड़ी सफलता यह साफ दिखाती है कि आज देश के कोने-कोने में जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की विकास नीति पर है। अमित शाह ने इस जीत को महाराष्ट्र में महायुति सरकार द्वारा किए गए विकास और जनकल्याण के कार्यों पर जनता की मुहर बताया।
उन्होंने अपने पोस्ट में मराठी भाषा में भी लिखा कि यह प्रचंड जीत इस बात का प्रमाण है कि एनडीए सरकार की नीतियों पर लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। गृह मंत्री ने महाराष्ट्र की जनता का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, बीजेपी महाराष्ट्र अध्यक्ष रवि चव्हाण और बीजेपी-शिवसेना के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
देवेंद्र फडणवीस ने मनाया जश्न, कहा- यह महाविजय है
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई स्थित बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इस जीत को ‘महाराष्ट्र की महाविजय’ बताया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम राज्य की जनता के भरोसे और महायुति सरकार के कामकाज की स्वीकृति का प्रतीक है। फडणवीस ने कहा कि शहरी मतदाताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे विकास, सुशासन और स्थिर नेतृत्व के साथ खड़े हैं।
निर्विरोध जीत ने भी बढ़ाई महायुति की ताकत
महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, 15 जनवरी को हुए चुनावों से पहले ही 10 नगर निकायों में कुल 65 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके थे। इन निर्विरोध विजेताओं में बीजेपी सबसे आगे रही, जिसने 43 सीटें हासिल कीं। एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के 18 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 2 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। ठाणे जिले के कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम में सबसे अधिक 20 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए, जिनमें बीजेपी के 16 और शिवसेना के 6 उम्मीदवार शामिल हैं।
बीएमसी की जीत का राजनीतिक संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बीएमसी में महायुति की यह जीत सिर्फ एक नगर निगम पर कब्जा नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। 20 साल बाद ठाकरे गुट के किले का ढहना बताता है कि मुंबई जैसे महानगर में भी बीजेपी और महायुति ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है।

