द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष M.K. Stalin ने सोमवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे मानवता की दूसरी सबसे बड़ी खोज करार दिया। उन्होंने कहा कि जैसे आग की खोज ने मानव सभ्यता को बदल दिया था, वैसे ही AI आने वाले समय में दुनिया के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा।
मुख्यमंत्री चेन्नई में ‘World In Your Hands’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जिसके तहत राज्य के कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 10 लाख छात्रों को लैपटॉप वितरित किए गए। मुख्यमंत्री स्टालिन ने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक के साथ खुद को लगातार अपडेट रखें और इसे केवल सुविधा नहीं, बल्कि अपने भविष्य में किया गया निवेश समझें। उन्होंने साफ कहा कि यह योजना सरकार के लिए कोई खर्च नहीं, बल्कि तमिलनाडु के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य में निवेश है।
‘World In Your Hands’ योजना: भविष्य में निवेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, आग की खोज के बाद दूसरा सबसे बड़ा ब्रेकथ्रू। यह योजना कोई खर्च नहीं, बल्कि भविष्य में किया गया निवेश है। केवल एक-दो डिग्री लेकर मत रुकिए, हर किसी को नई तकनीक के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि AI इंसानों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि इंसानों को और अधिक कुशल, तेज और प्रभावी बनाता है। सही दिशा और समझदारी से इस्तेमाल किया जाए तो AI जीवन और करियर दोनों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
लैपटॉप का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करें: स्टालिन
मुख्यमंत्री स्टालिन ने छात्रों को लैपटॉप के सही उपयोग को लेकर भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह छात्रों पर निर्भर करता है कि वे इस तकनीक का इस्तेमाल केवल गेम खेलने तक सीमित रखते हैं या फिर शिक्षा और कौशल विकास के लिए करते हैं। उन्होंने कहा, चुनाव आपके हाथ में है।
क्या आप इस लैपटॉप का इस्तेमाल सिर्फ गेम खेलने के लिए करेंगे या अपनी पढ़ाई और ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए? आत्मविश्वास के साथ पढ़िए, मैं आपकी सरकार की तरफ से हर संभव सहयोग दूंगा। मेरी इच्छा है कि तमिलनाडु के युवा गर्वित और सफल तमिल बनें।
पोंगल पर 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान
इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य के लोगों को पोंगल पर्व से पहले बड़ी राहत देने की घोषणा भी की थी। उन्होंने सभी चावल राशन कार्ड धारक परिवारों को 3,000 रुपये की नकद सहायता देने का ऐलान किया। यह लाभ श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास शिविरों में रहने वाले परिवारों को भी मिलेगा।
राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह राशि पोंगल से पहले उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) के माध्यम से वितरित की जाएगी। इसके साथ ही पारंपरिक पोंगल गिफ्ट हैम्पर और वस्त्र भी दिए जाएंगे। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से 2 करोड़ 22 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि पोंगल वितरण के लिए धोती और साड़ियां पहले ही सभी जिलों में भेज दी गई हैं।
सामाजिक कल्याण और समावेशी विकास पर जोर
राज्य सरकार ने इस पहल को सामाजिक कल्याण और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। बढ़ती महंगाई के बीच यह आर्थिक सहायता त्योहार के खर्चों को पूरा करने में लोगों की मदद करेगी। मुख्यमंत्री स्टालिन का संदेश साफ है चाहे बात तकनीक की हो या सामाजिक सुरक्षा की, तमिलनाडु सरकार भविष्य को ध्यान में रखते हुए नीतियां बना रही है, ताकि राज्य के युवा और आम नागरिक दोनों सशक्त बन सकें।

