द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : AI समिट में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष का आचरण देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने केवल राजनीतिक विरोध नहीं किया, बल्कि ऐसा व्यवहार किया जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को शर्मिंदा करता है। रिजिजू ने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश के खिलाफ अपराध के समान हैं और कांग्रेस को इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि AI समिट जैसा वैश्विक कार्यक्रम भारत के लिए प्रतिष्ठा का विषय है। ऐसे मंच पर विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस ने गलत संदेश दिया है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन और गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। रिजिजू ने कांग्रेस के रुख को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि पार्टी इस घटना को सही ठहराने की कोशिश कर रही है, जो और भी चिंताजनक है।
उन्होंने विपक्षी नेताओं को आत्ममंथन की सलाह देते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश की छवि सर्वोपरि होनी चाहिए। उनके बयान के बाद सियासी हलकों में इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है।
राहुल गांधी पर निशाना, ‘नीतियों की आलोचना करें, देश के खिलाफ नहीं’
रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार की नीतियों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन देश के खिलाफ माहौल बनाना या अंतरराष्ट्रीय मंच पर हंगामा करना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की नीतियों पर रचनात्मक आलोचना करने के बजाय देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली राजनीति कर रही है।
केंद्रीय मंत्री ने Rahul Gandhi पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे विदेशों में भारत के खिलाफ बयान देते हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi वैश्विक मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा और विश्व कल्याण के लिए काम कर रहे हैं, जबकि विपक्ष गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी में लगा है।
रिजिजू ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस लगातार चुनावी हार से हताश है और उसी हताशा में ऐसे कदम उठा रही है। उनके अनुसार, जनता बार-बार कांग्रेस को नकार रही है, जिससे पार्टी में निराशा का माहौल है। इस पूरे विवाद ने AI समिट के एजेंडे से ज्यादा राजनीतिक टकराव को सुर्खियों में ला दिया है। अब देखना होगा कि विपक्ष इस आरोप-प्रत्यारोप पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह मुद्दा आगे और सियासी रंग लेता है।

