द लोकतंत्र : वैश्विक विमानन उद्योग इस समय फ्रांस की विमानन कंपनी एयरबस द्वारा जारी एक बड़ी तकनीकी चेतावनी के कारण गहन संकट का सामना कर रहा है। कंपनी के सबसे ज़्यादा बिकने वाले और व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले A320 परिवार के विमानों में एक गंभीर तकनीकी खामी सामने आई है। इस खामी के कारण तेज सूरज की किरणें (Solar Flares/High Solar Energy) कुछ प्लेन्स के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए आवश्यक डेटा को खराब (Corrupt) कर सकती हैं, जिससे विमान के नियंत्रण पर सीधा असर पड़ सकता है। एयरबस ने इसे बेहद गंभीर तकनीकी जोखिम माना है।
एयरबस के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉल
इस सुरक्षा चेतावनी (सेफ़्टी बुलेटिन) के तत्काल सुधार के लिए एयरबस को अपने कुछ विमानों के पार्ट्स या सिस्टम की जांच या बदलाव करना पड़ रहा है, जिसे “रिकॉल” कहा जाता है।
- गंभीरता: कंपनी के प्रवक्ता का अनुमान है कि यह तकनीकी समस्या या मरम्मत प्रक्रिया कुल 6,000 विमानों पर असर डालेगी, जिससे यह एयरबस के 55 साल के इतिहास में सबसे बड़ा रिकॉल माना जा रहा है।
- फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम: इस समस्या का मूल ईएलएसी कंप्यूटर (ELAC Computer) मॉड्यूल में निहित है, जो फ्लाइट कंट्रोल को संभालता है। यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने इमरजेंसी नोटिस जारी करते हुए इन कंप्यूटरों को तुरंत बदलने या अपग्रेड करने को कहा है। हाल ही में एक A320 प्लेन में ऑटोपायलट ऑन रहते हुए बिना कमांड के हल्का नीचे झुकाव देखा गया था, जिसकी जांच में यह खामी सामने आई थी।
भारत में उड़ानों और यात्रियों पर सीधा असर
भारत, जहाँ 560 से ज़्यादा A320 प्लेन्स उड़ान भरते हैं, वहाँ इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की कई उड़ानें सीधे प्रभावित होंगी।
- प्रभावित बेड़ा: देश में लगभग 200–250 प्लेन्स को तुरंत जांच और बदलाव की जरूरत है।
- एयरलाइनों की प्रतिक्रिया: एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पुष्टि की है कि उनके 31 प्लेन्स प्रभावित होंगे और वैश्विक निर्देशों के कारण कुछ उड़ानों में देरी या कैंसिलेशन हो सकता है। एयरलाइन ने यात्रियों से अपनी उड़ान की ताज़ा स्थिति चेक करते रहने का अनुरोध किया है। इंडिगो और एयर इंडिया ने भी नोटिफिकेशन मिलने की बात कही है और यात्रियों को कम परेशानी हो, यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं।
वैश्विक विमानन परिदृश्य पर व्यापक प्रभाव
इस रिकॉल का असर दुनियाभर की बड़ी एयरलाइनों पर दिख रहा है।
- अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव: अमेरिकन एयरलाइंस (480 A320 जेट्स में से 340 प्रभावित) मरम्मत कर रही है, जबकि एयर फ्रांस ने 35 उड़ानें रद्द की हैं। कोलंबिया की अवियांका ने तो अपने 70 फीसदी से ज़्यादा प्रभावित विमानों के कारण 8 दिसंबर तक की टिकट बिक्री रोक दी है।
एयरबस ने माना है कि ये बदलाव यात्रियों के लिए परेशानी पैदा करेंगे, लेकिन कंपनी ने सुरक्षा को सबसे पहले रखते हुए सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर फिक्स तुरंत लागू करने को कहा है। यह स्थिति वैश्विक स्तर पर बड़ी पैमाने पर एविएशन डिसरप्शन की आशंका जताती है।

