द लोकतंत्र/ मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख चेहरों में रहे Ajit Pawar का गुरुवार को बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बुधवार को बारामती हवाई अड्डे के पास हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई थी। अंतिम विदाई के दौरान “अजित दादा अमर रहें” के नारों से परिसर गूंज उठा, जिसने भावुक माहौल को और गहरा कर दिया।
पार्थ और जय पवार ने दी पिता अजित को मुखाग्नि
विद्या प्रतिष्ठान में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच अजित पवार के बेटों पार्थ और जय ने मुखाग्नि दी। इस अवसर पर राजनीतिक दलों की सीमाएं टूटती दिखीं और हर विचारधारा के नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde, मनसे प्रमुख Raj Thackeray और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख Uddhav Thackeray सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
66 वर्षीय अजित पवार के निधन से न केवल महाराष्ट्र की सत्ताधारी गठबंधन सरकार में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है, बल्कि उनकी अगुवाई वाली एनसीपी के भविष्य को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहे पवार को संगठन, प्रशासन और चुनावी रणनीति का माहिर माना जाता था। उनके अचानक चले जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा आघात है।
दुर्घटना के कारणों को लेकर जांच तेज
इस बीच अजित पवार के चाचा और एनसीपी के संस्थापक Sharad Pawar ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने दिवंगत नेता को याद करते हुए उनके योगदान को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अहम बताया।
दुर्घटना के कारणों की जांच तेज कर दी गई है। हादसे में शामिल चार्टर्ड लियरजेट विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जिसका विश्लेषण किया जाएगा। यह 16 साल पुराना विमान दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास कर रहा था, तभी रनवे से करीब 200 मीटर दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि अजित पवार जिला परिषद चुनाव प्रचार के सिलसिले में मुंबई से बारामती जा रहे थे। उनके पीछे पत्नी सुनेत्रा, बेटे जय और पार्थ समेत भरा-पूरा परिवार है। छह बार उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार के बारे में अक्सर कहा जाता था कि वह एक दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया। अंतिम संस्कार से पहले एक ऑडियो संदेश के वायरल होने की भी चर्चा रही, जिसने लोगों की भावनाओं को और झकझोर दिया। अजित पवार के जाने से महाराष्ट्र ही नहीं, देश की राजनीति में भी एक प्रभावशाली आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।

