द लोकतंत्र/ लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य में एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह दावा कर रही है कि गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, तो फिर लोगों को लंबी-लंबी कतारों में क्यों खड़ा होना पड़ रहा है।
लखनऊ में एक इफ्तार कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अब LPG का मतलब ‘लापता गैस’ हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई इलाकों से गैस सिलेंडर के लिए लोगों की लंबी कतारों की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर सहित कई शहरों में लोग घंटों लाइन में खड़े होकर गैस सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल ही में गोरखपुर गए थे, तो क्या उन्होंने वहां गैस की स्थिति की समीक्षा की थी।
‘डबल इंजन सरकार’ पर भी साधा निशाना
सपा प्रमुख ने कहा कि अगर वास्तव में गैस की कोई कमी नहीं है, तो सरकार को तुरंत लोगों को सिलेंडर उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को बार-बार कतारों में खड़ा करना सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाता है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन सरकार’ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश में पहले लोगों को कोविड के दौरान कतारों में खड़ा होना पड़ा, फिर नोटबंदी के समय और बाद में जीएसटी के कारण व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब स्थिति यह है कि लोग गैस सिलेंडर के लिए भी लाइन में लगने को मजबूर हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा अफवाहें सरकार की ओर से ही फैल रही हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार यह दावा कर रही है कि गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन जमीन पर दिखाई दे रही तस्वीरें और वीडियो कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कि इंटरनेट की धीमी गति या सर्वर डाउन होने जैसी समस्याएं भी जानबूझकर पैदा की गई हों। हालांकि, उन्होंने इस पर कोई ठोस आरोप नहीं लगाया, लेकिन सवाल जरूर उठाए कि कहीं सरकार सूचना के प्रवाह को नियंत्रित करने की कोशिश तो नहीं कर रही।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बहस तेज हो गई है और विपक्ष सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब की मांग कर रहा है।

