द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को तमिलनाडु की राजनीति को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि अप्रैल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है और NDA की सरकार बनेगी। राज्य बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की मैराथन यात्रा के समापन समारोह में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु की जनता अब बदलाव के मूड में है और DMK तथा कांग्रेस के खिलाफ निर्णायक जनादेश देने जा रही है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, अप्रैल 2026 में तमिलनाडु में NDA की सरकार बनेगी। 2024 और 2025 बीजेपी के लिए जीत के साल रहे हैं और अब 2026 में यही जीत तमिलनाडु और बंगाल तक पहुंचेगी। उन्होंने जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन के साथ खड़े होने की अपील भी की।
AIADMK के साथ मजबूत गठबंधन का ऐलान
अपने भाषण में अमित शाह ने साफ संकेत दिया कि बीजेपी तमिलनाडु में AIADMK और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी-एआईएडीएमके और सहयोगी दलों का गठबंधन कांग्रेस और DMK के खिलाफ अंतिम और निर्णायक लड़ाई लड़ेगा।
यह बयान राज्य की राजनीति में NDA की रणनीति का औपचारिक ऐलान माना जा रहा है। अमित शाह ने दावा किया कि यह गठबंधन तमिलनाडु में स्थिर और जवाबदेह सरकार देने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि राज्य को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो विकास, सुरक्षा और सुशासन को प्राथमिकता दे, न कि परिवारवाद और भ्रष्टाचार को।
DMK सरकार पर तीखा हमला, परिवारवाद का आरोप
गृह मंत्री ने मौजूदा DMK सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे देश की ‘सबसे भ्रष्ट सरकार’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि DMK सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। अमित शाह ने कहा, अगर पूरे देश में कहीं सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार है, तो दुर्भाग्य से वह तमिलनाडु में है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि राज्य में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने DMK पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार का एकमात्र उद्देश्य मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को अगला मुख्यमंत्री बनाना है।
अमित शाह ने जनता से अपील की कि अब समय आ गया है कि तमिलनाडु में वंशवादी राजनीति का अंत किया जाए और विकास व सुशासन को प्राथमिकता देने वाली सरकार को मौका दिया जाए। उनके इस बयान को 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के आक्रामक चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

