द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा परिसर के ‘फांसी घर’ विवाद पर अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गैलोज़ को ‘टिफिन रूम’ बताना स्वतंत्रता सेनानियों का सबसे बड़ा अपमान है। दिल्ली विधानसभा परिसर में स्थित कथित ‘फांसी घर’ को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस स्थान को स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत से जोड़ा जाता है, उसे “टिफिन रूम” बताना इतिहास और शहीदों का अपमान है।
दिल्ली विधानसभा की एक समिति के समक्ष पेश होने के बाद केजरीवाल ने कहा कि विधानसभा परिसर एक ऐतिहासिक इमारत है, जिसका निर्माण 1912 में उस समय हुआ था जब ब्रिटिश सरकार ने राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित किया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उस समय के विधानसभा अध्यक्ष Ram Niwas Goel के प्रयासों से परिसर के एक हिस्से में स्थित फांसी घर की जानकारी सामने आई थी।
केजरीवाल के अनुसार, उस समय यह निर्णय लिया गया कि इस ऐतिहासिक स्थल को आम लोगों के लिए खोला जाए ताकि लोग स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्रेरणा ले सकें। इसी उद्देश्य से 9 अगस्त 2022 को इस स्थान का उद्घाटन किया गया था।
‘टिफिन रूम’ बताने पर केजरीवाल का सवाल
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद इस स्थान को फांसी घर मानने से इनकार किया जा रहा है और इसे टिफिन रूम बताने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा अपमान उन स्वतंत्रता सेनानियों का नहीं हो सकता जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विधानसभा में बुलाकर यह साबित करने के लिए कहा गया कि वह स्थान वास्तव में फांसी घर था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उस समय के स्पीकर ने विस्तृत जांच के बाद ही इसे ऐतिहासिक स्थल के रूप में मान्यता दी थी। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि यदि इसे टिफिन रूम कहा जा रहा है, तो उसके समर्थन में क्या प्रमाण हैं।
दिल्ली की समस्याओं पर भी उठाए सवाल
इस विवाद के बीच केजरीवाल ने दिल्ली की मौजूदा स्थिति को लेकर भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजधानी में प्रदूषण, टूटी सड़कों, कचरा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी गंभीर समस्याएं हैं, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें विधानसभा समिति के सामने बुलाकर शहर की समस्याओं के समाधान पर चर्चा की जाती तो उन्हें अधिक खुशी होती। केजरीवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ दिल्ली का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान है, चाहे सरकार किसी भी पार्टी की क्यों न हो।
यह विवाद उस समय सामने आया जब वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष Vijender Gupta ने ‘फांसी घर’ की ऐतिहासिकता पर सवाल उठाते हुए मामले को विशेषाधिकार समिति के पास जांच के लिए भेज दिया। अब इस मुद्दे ने दिल्ली की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।

