द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : मोदी सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय Budget 2026 को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने इस बजट को राजस्थान की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बताते हुए केंद्र सरकार पर राज्य के साथ ‘सौतेला व्यवहार’ करने का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि बजट भाषण में देश के सबसे बड़े राज्यों में शामिल राजस्थान का नाम तक न लिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान की जनता को इस बजट से कई अहम अपेक्षाएं थीं, लेकिन वित्त मंत्री के पूरे भाषण में राज्य का जिक्र तक न होना प्रदेशवासियों के साथ अन्याय है। उन्होंने इसे राजस्थान की जनता का अपमान बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि उसकी प्राथमिकताओं में राजस्थान का विकास शामिल नहीं है।
ERCP और विकास परियोजनाओं पर चुप्पी
पूर्व मुख्यमंत्री ने खास तौर पर ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान के बड़े हिस्से की प्यास बुझाने और जल संकट दूर करने के लिए बेहद अहम है, लेकिन बजट में इस पर कोई ठोस घोषणा या विशेष आर्थिक सहायता नहीं दी गई। गहलोत के मुताबिक, केंद्र सरकार की चुप्पी यह साफ करती है कि राजस्थान की बुनियादी जरूरतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बजट में राजस्थान के लिए किसी नई रेलवे परियोजना, मेट्रो विस्तार या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का ऐलान क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र वास्तव में प्रदेश के विकास को लेकर गंभीर होता, तो कम से कम कुछ ठोस योजनाओं की घोषणा जरूर होती।
गरीबों और असंगठित क्षेत्र को मिली निराशा
अशोक गहलोत ने बजट को आम आदमी के खिलाफ बताते हुए कहा कि इसमें गरीबों, श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र से जुड़े करोड़ों लोगों के लिए कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के इस दौर में यह वर्ग सरकार से ठोस मदद की उम्मीद कर रहा था, लेकिन बजट में उनके लिए कोई प्रभावी योजना नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि यह बजट ज़मीनी हकीकत से कटा हुआ है।
‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ बताया बजट
डबल इंजन सरकार के दावों पर तंज कसते हुए गहलोत ने राजस्थान के संदर्भ में इस बजट को ‘damp squib’ (ऊंची दुकान, फीका पकवान) करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद राजस्थान को केंद्रीय बजट में कुछ भी खास न मिलना यह साबित करता है कि डबल इंजन सरकार का दावा सिर्फ चुनावी नारा है। धरातल पर इसका कोई फायदा प्रदेश को नहीं मिल रहा।
अशोक गहलोत की यह प्रतिक्रिया साफ संकेत देती है कि आने वाले दिनों में राजस्थान की अनदेखी, ERCP और विकास परियोजनाओं को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर दबाव और तेज करेगा। बजट 2026 को लेकर सियासी बहस अब और तीखी होने के आसार हैं।

