Advertisement Carousel
National

नेपाल चुनाव में बालेन शाह की पार्टी RSP को भारी जीत, रैपर से नेता बने शाह के सामने अब सरकार गठन की चुनौती

Balen Shah's party RSP wins landslide victory in Nepal elections; rapper-turned-politician Shah now faces the challenge of forming a government.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रैपर से नेता बने बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाने की स्थिति हासिल कर ली है। इस जीत को नेपाल की पारंपरिक राजनीति में एक बड़े परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से सत्ता में प्रभाव रखने वाली पुरानी राजनीतिक पार्टियों को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है।

नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार, 165 प्रत्यक्ष सीटों में से RSP ने अब तक 119 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है, जबकि प्रतिनिधि सभा के चुनाव में पार्टी आठ अन्य सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इस परिणाम ने बालेन शाह को देश की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में स्थापित कर दिया है।

बालेन शाह पहले एक लोकप्रिय रैपर के रूप में जाने जाते थे। बाद में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और काठमांडू के मेयर बने। उनके समर्थक मानते हैं कि उनकी स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई और डेटा आधारित प्रशासनिक दृष्टिकोण उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक ढांचे से अलग हटकर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया, जिससे युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

हालांकि उनकी जीत के साथ ही उनकी नागरिकता और उपनाम को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले उनके नागरिकता प्रमाण पत्र में उपनाम ‘साह’ दर्ज था, जिसे बाद में बदलकर ‘शाह’ कर दिया गया। इस बदलाव को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं और आरोप लगाए गए थे कि उपनाम बदलने की प्रक्रिया में कानूनी नियमों का पालन नहीं किया गया।

भारत और चीन के साथ संबंध संभालना होगा बड़ी चुनौती

बालेन शाह की जीत के बाद नेपाल में राजनीतिक बदलाव की चर्चा के साथ-साथ उनकी कार्यशैली को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। उनके समर्थक उन्हें Gen-G पीढ़ी का नेता बताते हैं, जो सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोगों से जुड़ते हैं। वहीं आलोचक उन्हें कभी-कभी आक्रामक और सख्त निर्णय लेने वाला नेता मानते हैं।

काठमांडू के मेयर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान अवैध अतिक्रमण हटाने और रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने भी आलोचना की थी। इसके बावजूद युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बनी रही। अब उनकी सबसे बड़ी चुनौती नेपाल की विदेश नीति और क्षेत्रीय संतुलन को संभालना होगा। नेपाल भौगोलिक रूप से भारत और चीन जैसे दो बड़े पड़ोसियों के बीच स्थित है, इसलिए नई सरकार को दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना होगा। बालेन शाह के कुछ पुराने सोशल मीडिया पोस्ट, जिनमें विदेशी शक्तियों की आलोचना की गई थी, भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।

भारत भी नेपाल के चुनाव परिणामों पर करीबी नजर रख रहा है। भारत चाहता है कि नेपाल में एक स्थिर सरकार बने ताकि दोनों देशों के बीच विकासात्मक सहयोग और आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में चुनावों के सफल आयोजन पर वहां की जनता और सरकार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत, एक घनिष्ठ मित्र और पड़ोसी के रूप में, नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर शांति, विकास और समृद्धि के नए अवसरों की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह भी पढ़ें : ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर मणिशंकर अय्यर का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- भारत को शांति के पक्ष में बोलना चाहिए

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं