द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : पीएम मोदी 13 और 14 मार्च को दो दिवसीय असम दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे कोकराझार, गुवाहाटी और सिलचर में कुल 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और भूमि पूजन करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में सड़क, रेल, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
13 मार्च को प्रधानमंत्री सबसे पहले कोकराझार पहुंचेंगे, जहां वे करीब 4,570 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और कुछ परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके तहत असम माला 3.0 योजना का भूमि पूजन भी शामिल है, जिसके अंतर्गत राज्य में 900 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से अंतरराज्यीय संपर्क बेहतर होगा और ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल क्षेत्र में चार फ्लाईओवर और दो पुल सहित छह सड़क परियोजनाओं की भी शुरुआत होगी। इन परियोजनाओं से कोकराझार जिले में ट्रैफिक जाम कम होगा और पर्यटन, कृषि व ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही आसान होगी। प्रधानमंत्री कोकराझार जिले के बाशबाड़ी में रेलवे की पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग कार्यशाला की भी आधारशिला रखेंगे। यह परियोजना रेलवे रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। इस दौरान तीन नई ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी, जिससे उत्तर-पूर्व क्षेत्र की देश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
सड़क, रेल और ऊर्जा परियोजनाओं से मिलेगा विकास को नया बल
गुवाहाटी में प्रधानमंत्री करीब 19,480 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान वे चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टे वितरित करेंगे, जिससे उन्हें आवासीय सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त भी जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। ऊर्जा क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इनमें कोपिली जलविद्युत परियोजना, नुमालीगढ़-सिलीगुड़ी पाइपलाइन क्षमता विस्तार परियोजना और नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड के पहले चरण का उद्घाटन शामिल है। इन परियोजनाओं से उत्तर-पूर्व में ऊर्जा आपूर्ति और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
रेलवे क्षेत्र में कई लाइनों के विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिनमें रंगिया-मुरकोंगसेलेक और चापरमुख-डिब्रूगढ़ रेल लाइन प्रमुख हैं। इसके साथ ही फुरकाटिंग-तिनसुकिया रेल लाइन डबलिंग परियोजना की आधारशिला भी रखी जाएगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ सकेगी। 14 मार्च को सिलचर में प्रधानमंत्री शिलांग-सिलचर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन करेंगे। करीब 22,860 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह चार लेन हाई-स्पीड मार्ग गुवाहाटी और सिलचर के बीच यात्रा समय को लगभग 8.5 घंटे से घटाकर करीब 5 घंटे कर देगा।
इसके अलावा सिलचर में एनएच-306 पर एलिवेटेड कॉरिडोर और करीमगंज जिले के पाथरकांडी में कृषि महाविद्यालय की भी आधारशिला रखी जाएगी। इन परियोजनाओं से बाराक वैली और पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

