द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारतीय रेल से सफर करने वाले करोड़ों ट्रेन यात्रियों के लिए यह खबर किसी राहत से कम नहीं है। देश में हर दिन लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं, लेकिन सीमित सीटों और भारी भीड़ के कारण कन्फर्म टिकट मिलना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्री वेटिंग या RAC टिकट बुक कर लेते हैं, इस उम्मीद में कि चार्ट बनने तक उनका टिकट कन्फर्म हो जाएगा। हालांकि, कई बार आखिरी समय तक टिकट कन्फर्म नहीं होता और यात्रियों को मजबूरी में स्टेशन जाकर निराश लौटना पड़ता है।
इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने रिजर्वेशन चार्ट से जुड़े नियमों में एक अहम बदलाव किया है। इस फैसले से यात्रियों को अब पहले ही पता चल जाएगा कि उनका टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं, जिससे वे समय रहते अपने सफर को लेकर सही फैसला ले सकेंगे।
अब कितने घंटे पहले बनेगा रिजर्वेशन चार्ट?
रेलवे बोर्ड के नए निर्देशों के मुताबिक, अब किसी भी ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट कम से कम 10 घंटे पहले फाइनल कर दिया जाएगा। इससे पहले तक ज्यादातर ट्रेनों का चार्ट ट्रेन रवाना होने से करीब चार घंटे पहले बनता था, जिससे यात्रियों को आखिरी समय तक असमंजस की स्थिति में रहना पड़ता था।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से यात्रियों को टिकट स्टेटस की जानकारी पहले मिल जाएगी और उन्हें बेवजह स्टेशन जाने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी।
समय के हिसाब से बदला गया चार्ट बनाने का नियम
नए नियमों के अनुसार, रेलवे ने ट्रेनों के प्रस्थान समय के आधार पर चार्ट तैयार करने की व्यवस्था को और स्पष्ट कर दिया है। जो ट्रेनें सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच रवाना होती हैं, उनका पहला रिजर्वेशन चार्ट पिछली शाम 8 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा। पहले यह समय शाम 9 बजे का था। यानी अब यात्रियों को एक घंटे पहले ही जानकारी मिल जाएगी।
वहीं, जो ट्रेनें दोपहर 2 बजे के बाद और अगली सुबह 5 बजे से पहले चलती हैं, उनके लिए रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के प्रस्थान से कम से कम 10 घंटे पहले बना दिया जाएगा। पहले यह समय 8 घंटे का था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
वेटिंग और RAC यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा
रेलवे के इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा वेटिंग लिस्ट और RAC टिकट वाले यात्रियों को होगा। अब उन्हें चार्ट बनने का इंतजार आखिरी वक्त तक नहीं करना पड़ेगा। टिकट कन्फर्म न होने की स्थिति में यात्री समय रहते यात्रा रद्द करने, वैकल्पिक साधन चुनने या दूसरी ट्रेन की व्यवस्था कर सकेंगे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इससे टिकट कैंसिलेशन और रिफंड की प्रक्रिया भी आसान होगी और यात्रियों को मानसिक तनाव से राहत मिलेगी।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा नया सिस्टम
रेलवे बोर्ड ने बताया है कि इस बदलाव की जानकारी रेलवे की आईटी इकाई CRIS (Centre for Railway Information Systems) को दे दी गई है। नया सिस्टम फेज-वाइज तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि तकनीकी स्तर पर किसी तरह की परेशानी न हो।
भारतीय रेल लगातार यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नियमों में बदलाव कर रही है। चार्ट टाइमिंग में यह सुधार भी उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था भी कम होगी। कुल मिलाकर, रेलवे का यह फैसला उन लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो हर यात्रा से पहले टिकट कन्फर्म होने की चिंता में रहते हैं। अब सफर से कई घंटे पहले ही स्थिति साफ होगी और यात्रा का निर्णय लेना कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।

