द लोकतंत्र : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो विधायकों ने मतदान से पहले इस्तीफा देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। रजौली से विधायक प्रकाश वीर और नवादा की विधायक विभा देवी ने पार्टी और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों विधायक जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। यह कदम न केवल RJD के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है, बल्कि बिहार के राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव ला सकता है।
इस्तीफे के पीछे की वजह क्या है?
विभा देवी, पूर्व RJD विधायक और श्रम राज्य मंत्री रहे राजबल्लभ यादव की पत्नी हैं। उन्होंने 2020 में नवादा सीट से RJD के टिकट पर जीत दर्ज की थी। पिछले पांच वर्षों से वे नवादा की राजनीति में सक्रिय रही हैं, लेकिन हाल के दिनों में पार्टी से उनकी नाराजगी की खबरें सामने आ रही थीं।
वहीं, प्रकाश वीर रजौली विधानसभा से विधायक हैं। कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव की रैली में “ओ तेजस्वी भैया, प्रकाश वीर को हटाना होगा” जैसे नारे लगे थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पार्टी में टिकट को लेकर चल रहे असंतोष के बीच उनका यह कदम कहीं न कहीं उसी नाराजगी की पुष्टि करता है।
BJP को मिलेगा फायदा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों विधायकों का BJP में शामिल होना पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दोनों नेता यादव समाज से आते हैं, जिससे BJP को OBC वोट बैंक में सेंध लगाने में मदद मिल सकती है। बीते कुछ समय से दोनों नेताओं को भाजपा नेताओं के साथ मंच साझा करते और बैठकों में शामिल होते देखा गया था।
सूत्रों के अनुसार, RJD इन दोनों का टिकट काटने की तैयारी में थी, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
पहलामें बढ़ी अंदरूनी कलह
इन इस्तीफों के बाद RJD में अंदरूनी कलह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। टिकट बंटवारे से पहले पार्टी में असंतोष का माहौल बताया जा रहा है। वहीं, महागठबंधन के अंदर भी सीट शेयरिंग को लेकर विवाद की खबरें सामने आ रही हैं।
बिहार चुनाव 2025: माहौल गरम
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सभी राजनीतिक दल मैदान में उतर चुके हैं। चुनाव आयोग ने दो चरणों में मतदान की घोषणा की है, पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
टिकट वितरण को लेकर हर पार्टी मंथन में जुटी है, क्योंकि एक-एक सीट पर कई दावेदार सामने आ रहे हैं। ऐसे में नेताओं के दल-बदल से राजनीतिक संतुलन बिगड़ना तय माना जा रहा है।

