द लोकतंत्र/ पटना : राज्यसभा चुनाव हेतु बिहार की पांच राज्यसभा सीटों में से दो पर बीजेपी ने नितिन नवीन और शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया। एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा को भी मौका दिया। चिराग पासवान की पार्टी ने सीट न मिलने के बावजूद समर्थन का ऐलान किया। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार (03 मार्च, 2026) को Bharatiya Janata Party (बीजेपी) ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और नेता शिवेश राम को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं एनडीए की ओर से एक सीट पर Upendra Kushwaha को मौका दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, जेडीयू अपने कोटे से दो सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। इस घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि चार विधायकों वाली पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा को मौका मिला, जबकि 19 विधायकों वाली Lok Janshakti Party (Ram Vilas) को राज्यसभा सीट क्यों नहीं मिली।
कुछ समय पहले यह चर्चा थी कि केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan की मां रीना पासवान राज्यसभा भेजी जा सकती हैं। हालांकि चिराग पासवान ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दिया था कि उनकी मां सक्रिय राजनीति में नहीं आना चाहतीं और इस मुद्दे को बहस का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
एलजेपी (रामविलास) ने जताया समर्थन, नाराजगी से किया इनकार
बीजेपी और आरएलएम की ओर से उम्मीदवारों के नाम घोषित होने के बाद एलजेपी (रामविलास) की प्रतिक्रिया भी सामने आई। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश भट्ट ने कहा कि उनकी पार्टी बिहार की सभी पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों का समर्थन करेगी। उन्होंने साफ किया कि पार्टी के भीतर सीट न मिलने को लेकर कोई असंतोष नहीं है और सभी विधायक गठबंधन के उम्मीदवारों को वोट देंगे।
उधर, उपेंद्र कुशवाहा को राज्यसभा भेजे जाने को लेकर पहले से संकेत मिल रहे थे। जानकारी के मुताबिक, 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की ओर से उन्हें राज्यसभा की एक सीट देने का वादा किया गया था। इसके अलावा एक एमएलसी पद भी देने की बात कही गई थी। कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश के एमएलसी बनने और राज्य सरकार में मंत्री पद मिलने की भी चर्चा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे के दौरान कुशवाहा को अपेक्षाकृत कम सीटें मिली थीं, ऐसे में राज्यसभा के जरिए संतुलन साधने की कोशिश की गई है। बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। अब देखना होगा कि जेडीयू अपने उम्मीदवारों की घोषणा कब करती है और विपक्ष इस पर क्या रुख अपनाता है।

