Advertisement Carousel
National

बीजेपी चुनावी मोड में: राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन ने कसी कमर, 8 घंटे चली रणनीतिक बैठक

BJP in election mode: Nitin Naveen, immediately after becoming the national president, got down to business; a strategic meeting lasted 8 hours.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते ही नितिन नवीन ने संगठन को सीधे चुनावी मोड में डाल दिया है। दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में नियमित बैठकों के बीच नितिन नवीन ने चुनावी राज्यों को लेकर अलग से करीब आठ घंटे लंबी रणनीतिक बैठक की।

इस उच्चस्तरीय बैठक में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे चुनावी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और प्रभारी नेता मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जमीनी तैयारियों की समीक्षा करना और बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक सक्रिय व मजबूत करना रहा।

नितिन नवीन ने चुनाव की तैयारियों का लिया जायजा

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान नितिन नवीन ने प्रत्येक राज्य से चुनावी तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट ली। संगठन की मौजूदा स्थिति, बूथ कमेटियों की सक्रियता, जनसंपर्क अभियानों की गति और स्थानीय मुद्दों पर पार्टी की पकड़ जैसे बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। इसके बाद सभी राज्यों को चुनावी अभियानों में और तेजी लाने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में नेतृत्व बदलता है, लेकिन विचारधारा और आदर्श कभी नहीं बदलते। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी को और आगे ले जाने के लिए पहले से ज्यादा मेहनत और समर्पण के साथ काम करना होगा। नड्डा के इस संदेश को संगठनात्मक निरंतरता और अनुशासन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

नितिन नवीन ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है, वहां बूथ स्तर तक लगातार और संगठित प्रयास करके सरकार बनाने का लक्ष्य रखा जाए। वहीं, जिन राज्यों में पार्टी की सरकार है, वहां संगठन को और सशक्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक अभियानों को नई ऊर्जा देने की जरूरत है। विशेष रूप से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), विकसित भारत अभियान, कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया गया।

पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे बीजेपी के नए अध्यक्ष नितिन नवीन

बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी संकेत दिया कि वे स्वयं जमीनी हालात का आकलन करने के लिए चुनावी राज्यों का दौरा करेंगे। इसी क्रम में नितिन नवीन इस महीने के अंत में पश्चिम बंगाल का दौरा करने वाले हैं। इस दौरे के दौरान वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं और संगठनात्मक टीम के साथ कई अहम बैठकें करेंगे। इन बैठकों का मकसद विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की ताकत, कमजोरियों और संभावनाओं का आकलन करना होगा।

नितिन नवीन ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तनों’ को लेकर पार्टी गंभीर मंथन कर रही है। उनके अनुसार, इन परिवर्तनों ने कई क्षेत्रों में राजनीतिक और सामाजिक समीकरण बदले हैं, जो भाजपा के लिए एक चुनौती जरूर हैं, लेकिन असंभव नहीं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के कार्यकर्ता पूरी ताकत, संघर्ष और कड़ी मेहनत से इन राज्यों में मजबूत विकल्प के रूप में भाजपा को स्थापित करेंगे।

कुल मिलाकर, नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के तुरंत बाद उठाए गए ये कदम साफ संकेत देते हैं कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती और संगठन को शीर्ष स्तर से लेकर बूथ स्तर तक चुनावी मोड में लाया जा चुका है।

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं