द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है, जिसमें 144 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं। इस सूची में कई बड़े नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा गया है।
बीजेपी ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को दो सीटों से टिकट देकर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी ने उन्हें नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर सीट से भी उम्मीदवार बनाया है। भवानीपुर वही सीट है जहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछली बार चुनाव जीता था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह फैसला टीएमसी और ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देने के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी के जरिए पार्टी इन दोनों सीटों पर मजबूत मुकाबला कर सकती है।
नंदीग्राम की सियासी इतिहास और नए चुनावी समीकरण
नंदीग्राम सीट पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी अहम मानी जाती है। 2021 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बेहद करीबी मुकाबले में हराया था। मतगणना के 17 राउंड के बाद अधिकारी की जीत की घोषणा हुई थी और जीत का अंतर करीब दो हजार वोटों का रहा था। उस चुनाव के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल कर विधानसभा में वापसी की थी। अब बीजेपी ने एक बार फिर शुभेंदु अधिकारी को भवानीपुर से उतारकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
बीजेपी ने अपनी सूची में कई अन्य नेताओं को भी मैदान में उतारा है। पार्टी ने दिलीप घोष को बोलपुर से उम्मीदवार बनाया है, जबकि आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पॉल को टिकट दिया गया है। इसके अलावा पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता को राशबेहारी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उम्मीदवारों की सूची साझा करते हुए कहा कि पार्टी पश्चिम बंगाल में मजबूत मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान कराने की घोषणा की है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर सरकार बनाई थी, जबकि बीजेपी 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी थी। ऐसे में 2026 का चुनाव राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

