द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Bloomberg Billionaires Index 2026 वैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव और टेक शेयरों में गिरावट के बीच दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार टॉप-10 अरबपतियों की सूची में एक नया नाम जुड़ा है, जबकि एनवीडिया से जुड़े दिग्गज उद्योगपति जेनसेन हुआंग इस सूची से बाहर हो गए हैं।
टेक सेक्टर में कमजोरी का असर कई बड़े अरबपतियों की संपत्ति पर पड़ा है। हालांकि, इसके बावजूद कुछ उद्योगपतियों की नेटवर्थ में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। खासतौर पर एलन मस्क और लैरी एलिसन ने इस अस्थिर माहौल में अपनी संपत्ति में इजाफा किया है।
एलिस वॉल्टन की एंट्री, वॉलमार्ट परिवार का दबदबा
दुनिया के शीर्ष 10 अमीरों की सूची में अब एलिस वॉल्टन ने भी जगह बना ली है। रिटेल क्षेत्र से जुड़े वॉलमार्ट परिवार का दबदबा इस सूची में साफ दिखाई दे रहा है। एलिस वॉल्टन की अनुमानित संपत्ति करीब 154 अरब डॉलर आंकी गई है, जिससे उन्होंने 10वां स्थान हासिल किया है।
उनके भाई जिम वॉल्टन पहले से ही 158 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 8वें स्थान पर मौजूद हैं, जबकि रॉब वॉल्टन 154 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 9वें पायदान पर हैं। इस तरह टॉप-10 में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हो गए हैं, जो वैश्विक रिटेल उद्योग की ताकत को दर्शाता है।
एलन मस्क नंबर-1 पर कायम, कई दिग्गजों को झटका
सूची में पहले स्थान पर एलन मस्क का दबदबा बरकरार है। उनकी कुल संपत्ति लगभग 677 अरब डॉलर बताई गई है और हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद उनकी नेटवर्थ में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दूसरे स्थान पर लैरी पेज (263 अरब डॉलर) हैं, हालांकि उनकी संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई। तीसरे नंबर पर सर्गेई ब्रिन (245 अरब डॉलर) हैं, जिनकी नेटवर्थ में भी कमी आई है। चौथे स्थान पर मार्क जुकरबर्ग (226 अरब डॉलर) और पांचवें स्थान पर जेफ बेजोस (225 अरब डॉलर) हैं। दोनों की संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, लैरी एलिसन 213 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ छठे स्थान पर हैं और उनकी नेटवर्थ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सातवें स्थान पर बर्नार्ड अरनॉल्ट (174 अरब डॉलर) हैं। इसके बाद जिम वॉल्टन, रॉब वॉल्टन और एलिस वॉल्टन क्रमशः आठवें, नौवें और दसवें स्थान पर हैं। विश्लेषकों का मानना है कि टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के चलते अरबपतियों की रैंकिंग में आगे भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

