द लोकतंत्र/ महाराष्ट्र : मुंबई में होने वाले BMC Election 2026 करीब आते ही राजनीतिक गर्मी तेजी से बढ़ गई है। जहां सभी पार्टियां अपने प्रचार अभियान को तेज़ कर रही हैं, वहीं अब शिवसेना (UBT) ने भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची पर तीखा वार किया है।
पार्टी नेता संजय राउत ने सवाल उठाया है कि आखिर मुंबई निकाय चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रचार के लिए लाने की क्या आवश्यकता है? राउत ने इसे भाजपा की कमजोरी बताते हुए आरोप लगाया कि बाहरी नेताओं को बुलाकर मुंबई का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई में प्रचार के लिए PM और योगी क्यों?
संजय राउत ने मीडिया से कहा, क्या जरूरत है पीएम मोदी को मुंबई आने की? योगी आदित्यनाथ क्यों आ रहे हैं? क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री प्रचार करने में सक्षम नहीं हैं? BJP हर राज्य के मुख्यमंत्री को लाकर चुनाव लड़ना चाहती है। यह आपकी कमजोरी दिखाती है। हम अपनी ताकत पर चुनाव लड़ेंगे। शिवसेना (UBT) का कहना है कि मुंबई का चुनाव स्थानीय मुद्दों पर होना चाहिए, न कि देशभर के नेताओं को मंच पर उतारने से।
BMC चुनाव को महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली माना जाता है। वर्षों तक शिवसेना के कब्जे में रही मुंबई महानगरपालिका इस बार भाजपा और शिवसेना (UBT) के बीच सीधी टक्कर का केंद्र बन चुकी है।
भाजपा स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर चुनावी माहौल गरम कर चुकी है, वहीं शिवसेना UBT इसे ‘बाहरी ताकतों पर निर्भरता’ बता रही है। राउत ने कहा कि उनकी पार्टी स्थानीय जनता, स्थानीय मुद्दों और मराठी अस्मिता के आधार पर लड़ाई लड़ेगी।
जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ने लगे हैं। बड़े नेताओं की संभावित रैलियों और रोड शो को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। चुनाव प्रचार तेज होने के साथ यह मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि मुंबई में किसकी रणनीति प्रभावी रहती है, राष्ट्रीय चेहरे या स्थानीय ताकत? BMC चुनाव का परिणाम राज्य की राजनीति पर दूरगामी असर डाल सकता है।

