द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : संसद का Budget Session 2026 औपचारिक रूप से शुरू हो चुका है और इसके साथ ही देश की राजनीति व अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े फैसलों की पटकथा लिखी जानी है। 1 फरवरी को पेश होने वाला केंद्रीय बजट और उससे पहले आज संसद में रखा जाने वाला आर्थिक सर्वेक्षण 2026–27 इस सत्र को खास बना रहा है। सत्र की शुरुआत के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और देश के दीर्घकालिक विज़न को सामने रखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास और सामूहिक पुरुषार्थ की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में खास तौर पर युवाओं की आकांक्षाओं और देश की भविष्य की जरूरतों को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है, जिसे संसद के सभी सदस्यों ने गंभीरता से सुना और समझा होगा।
2047 का रोडमैप, नए दौर की शुरुआत
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है और अब दूसरा क्वार्टर शुरू हो रहा है। उन्होंने इसे भारत के लिए एक निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि आने वाले 25 वर्ष यानी 2047 तक का कालखंड देश को विकसित भारत बनाने की दिशा में सबसे अहम होंगे। उनका कहना था कि यह बजट इसी दूसरे क्वार्टर का पहला बजट है, जो आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की दिशा तय करेगा।
लगातार 9वीं बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
प्रधानमंत्री ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। उन्होंने इसे भारत के संसदीय इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि अपने आप में ऐतिहासिक है और देश के लोकतांत्रिक सफर को नई मजबूती देती है।
पीएम मोदी ने 27 देशों के साथ हुए अंतरराष्ट्रीय समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इससे देश के युवाओं, किसानों, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक स्तर पर भारत को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा और रोजगार व निवेश के नए रास्ते खोलेगा।
सरकार की पहचान: Reform-Perform-Transform
प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट पर देश का ध्यान स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की असली पहचान ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और संसद के सभी सदस्यों के सहयोग से सुधारों की यह रफ्तार लगातार मजबूत होती जा रही है।
पीएम मोदी ने अंत में सांसदों का आभार जताते हुए कहा कि सकारात्मक सहयोग और स्वस्थ बहस के जरिए यह बजट सत्र देश को नई आर्थिक ऊंचाइयों तक ले जाने का माध्यम बनेगा।

