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जनगणना 2027 का नोटिफिकेशन जारी: 33 सवाल, दो चरण और पहली बार जाति की गिनती, जानिए क्या-क्या बदलेगा

Census 2027 notification released: 33 questions, two phases, and caste enumeration for the first time – find out what will change.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने देश की जनगणना 2027 को लेकर बड़ा और अहम कदम उठाते हुए इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, इस बार जनगणना पूरी तरह नए स्वरूप में होगी डिजिटल, पेपरलेस और कहीं अधिक विस्तृत। जनगणना में कुल 33 सवालों को शामिल किया गया है, जिनमें मकान, परिवार, सुविधाओं, संसाधनों और सामाजिक स्थिति से जुड़े अहम प्रश्न पूछे जाएंगे। इस प्रक्रिया में परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य को पूरे परिवार की जानकारी देनी होगी।

सरकार के अनुसार, जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलेगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। पहले चरण में घरों और भवनों से जुड़ा पूरा डेटा इकट्ठा किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में देश की वास्तविक जनसंख्या की गणना की जाएगी।

पहले चरण में क्या-क्या पूछा जाएगा?

जनगणना के प्रथम चरण को मकान सूचीकरण एवं आवास गणना कहा गया है। इसमें हर घर, भवन और संस्थान का विवरण दर्ज किया जाएगा। मकान पक्का है या कच्चा, उसमें बिजली, पानी, शौचालय, रसोई जैसी मूलभूत सुविधाएं हैं या नहीं, भवन आवासीय है या व्यावसायिक जैसी सभी जानकारियों को दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा घर में वाहन, इंटरनेट, मोबाइल और अन्य संसाधनों की उपलब्धता से जुड़े सवाल भी शामिल हैं। यह चरण सरकार को देश की बुनियादी ढांचागत तस्वीर समझने में मदद करेगा।

दूसरे चरण में होगी जनसंख्या की असली गिनती

दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़े व्यक्तिगत विवरण जुटाए जाएंगे। इसमें उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार, भाषा, धर्म और सामाजिक स्थिति जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इस चरण की प्रश्नावली बाद में अलग से जारी की जाएगी, ताकि आंकड़ों को और अधिक सटीक तरीके से इकट्ठा किया जा सके।

गौरतलब है कि जनगणना पहले 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे टाल दिया गया। Ministry of Home Affairs ने पहले ही स्पष्ट किया था कि 2027 में जनगणना पूरी कर ली जाएगी। सरकार ने यह भी बताया है कि घरों की सूची तैयार होने से करीब 15 दिन पहले नागरिकों को स्व-घोषणा (Self Enumeration) का मौका भी दिया जाएगा।

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना

इस बार जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी इकट्ठा करेंगे। यह ऐप Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। रियल टाइम डेटा ट्रांसफर, सुरक्षित पोर्टल और डिजिटल स्टोरेज के जरिए प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जाएगा।

पहली बार होगी जाति आधारित जनगणना

जनगणना 2027 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आज़ादी के बाद पहली बार जाति की गिनती को आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। इससे पहले 1931 में जाति आधारित जनगणना हुई थी। यह फैसला Government of India की कैबिनेट कमेटी ने लिया है। सरकार का मानना है कि इससे सामाजिक नीतियों और कल्याण योजनाओं को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकेगा।

कुल मिलाकर, जनगणना 2027 सिर्फ आंकड़ों की गिनती नहीं, बल्कि भारत की सामाजिक, आर्थिक और संरचनात्मक तस्वीर को नए सिरे से समझने का बड़ा प्रयास मानी जा रही है।

Team The Loktantra

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