द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा कीं और जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से भेंट की है।
इस मुलाकात को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय लगातार मजबूत हुआ है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर सियासी संकेत
सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस मुलाकात को आगामी रणनीतियों और विकास कार्यों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, निवेश और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर चर्चा हुई होगी। केंद्र और राज्य के बीच ‘डबल इंजन सरकार’ के मॉडल को आगे बढ़ाने के लिहाज से यह बैठक अहम बताई जा रही है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार, 5 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अहम दौरे पर पहुंचे। सुबह करीब 11:30 बजे दिल्ली पहुंचने के बाद वे सीधे प्रधानमंत्री आवास गए, जहां उन्होंने नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसमें उत्तर प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार, केंद्र और राज्य की विकास योजनाओं की प्रगति तथा आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस उच्चस्तरीय मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर कुछ अहम फैसलों की रूपरेखा इसी बैठक में तय की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुलाकात की जानकारी साझा की है, जिससे इस बैठक की अहमियत और बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें अयोध्या राम मंदिर की एक विशेष प्रतिकृति भेंट की। यह प्रतिकृति गुलाबी मीनाकारी कला में निर्मित है और पूरी तरह चांदी से बनी हुई है, जिसे उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और शिल्प परंपरा का प्रतीक माना जा रहा है।
कल्याण सिंह की जयंती पर भावुक श्रद्धांजलि दी
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल Kalyan Singh की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कल्याण सिंह के योगदान को याद किया और उन्हें राम जन्मभूमि आंदोलन का ‘अडिग योद्धा’ बताया। उन्होंने कहा कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन अपने चरम पर था, तब कल्याण सिंह ने बिना किसी हिचकिचाहट के मुख्यमंत्री पद का त्याग कर दिया और प्रभु श्रीराम के भक्तों की भावनाओं का सम्मान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबरी ढांचे के विध्वंस के बाद कल्याण सिंह ने तत्काल नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सीएम योगी के अनुसार, उनका यह निर्णय भारतीय राजनीति में त्याग और साहस का एक दुर्लभ उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि कल्याण सिंह का मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल उत्तर प्रदेश के विकास और राष्ट्रवादी सोच को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
‘बाबूजी’ का जीवन और विरासत
सोशल मीडिया पर साझा एक संदेश में मुख्यमंत्री योगी ने कल्याण सिंह को ‘बाबूजी’ संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने जनकल्याणकारी नीतियों और दृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति के जरिए उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा दी। उनका जीवन समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अनूठा उदाहरण है।
गौरतलब है कि कल्याण सिंह का निधन 21 अगस्त 2021 को लखनऊ स्थित SGPGI में हुआ था। वे दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और 2014 से 2019 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दीं। बाबरी ढांचा विध्वंस के समय मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को बर्खास्त कर दिया था। कुल मिलाकर, सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना और कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देना, दोनों ही घटनाएं राजनीतिक और वैचारिक दृष्टि से खास मानी जा रही हैं।

