द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : केरल विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस ने कमर कस ली है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने साफ शब्दों में कहा है कि आने वाले 100 दिन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के लिए बेहद अहम होने वाले हैं। उनका कहना है कि यही वह समय है, जब कड़ी मेहनत, सही रणनीति और सकारात्मक एजेंडे के जरिए जनता के बीच एक मजबूत नैरेटिव तैयार किया जा सकता है।
वायनाड में आयोजित कांग्रेस के दो दिवसीय ‘लक्ष्य लीडरशिप समिट’ के बाद मीडिया से बातचीत में थरूर ने बैठक को ‘बेहद उत्साहजनक’ बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता, आपसी भरोसा और शांत लेकिन दृढ़ संकल्प साफ नजर आया।
‘लक्ष्य लीडरशिप समिट’ से मिला आत्मविश्वास
शशि थरूर के अनुसार, हाल ही में हुए स्थानीय स्वशासन चुनावों के नतीजों से कांग्रेस को नया आत्मविश्वास मिला है। हालांकि, उन्होंने पार्टी को आगाह भी किया कि इस भरोसे के साथ आत्मसंतोष नहीं आना चाहिए। थरूर ने कहा, स्थानीय चुनावों के परिणामों ने पार्टी में आत्मविश्वास जरूर बढ़ाया है, लेकिन यह वक्त आराम करने का नहीं है। अब तुरंत जमीन पर उतरकर मेहनत करने की जरूरत है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को सिर्फ सत्तारूढ़ सरकार की आलोचना तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनता के सामने UDF और कांग्रेस का सकारात्मक विजन और एजेंडा भी मजबूती से रखना होगा।
अगले 100 दिन क्यों हैं सबसे अहम?
थरूर ने कहा कि आने वाले 100 दिनों में पार्टी को हर मोर्चे पर तैयारी करनी होगी। इसमें मतदाता सूची (Electoral Rolls) की समीक्षा से लेकर जमीनी मुद्दों को उठाने तक सभी पहलू शामिल हैं। उनके शब्दों में, हमें हर संभावित आधार को कवर करना होगा। सिर्फ सरकार पर हमला करना काफी नहीं है, बल्कि UDF के लिए एक सकारात्मक भूमिका और रोडमैप भी जनता के सामने रखना जरूरी है।
उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस के पास नेतृत्व, अनुभव और कार्यकर्ताओं के रूप में पर्याप्त मानव संसाधन हैं। अगर सभी सही दिशा में काम करें, तो जीत हासिल करना संभव है।
LDF सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का दावा
इस दौरान कांग्रेस सांसद और पार्टी महासचिव KC Venugopal ने भी सत्तारूढ़ Left Democratic Front (LDF) पर तीखा हमला बोला। केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि केरल की जनता पिनाराई विजयन सरकार से ऊब चुकी है और बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा, पूरा संगठन जोश और स्पष्ट दृष्टि के साथ आगे बढ़ रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि इस बार केरल में कांग्रेस और UDF की सरकार बनेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, केरल में कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद अहम है। एक ओर जहां LDF सरकार के खिलाफ असंतोष को भुनाने का मौका है, वहीं दूसरी ओर संगठन को एकजुट और सक्रिय बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है। शशि थरूर का यह बयान साफ संकेत देता है कि कांग्रेस अब रणनीति, सकारात्मक राजनीति और कड़ी मेहनत के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती है। कुल मिलाकर, कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अगर अगले 100 दिनों में सही दिशा में काम हुआ, तो केरल में सत्ता परिवर्तन की राह प्रशस्त हो सकती है।

