Advertisement Carousel
National

सावित्रीबाई फुले जयंती पर विवाद: AAP का आरोप- दिल्ली सरकार ने दलित महापुरुष का अपमान किया

Controversy on Savitribai Phule's birth anniversary: ​​AAP alleges Delhi government insulted the Dalit icon.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली की राजनीति में सावित्रीबाई फुले की जयंती के मौके पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें सम्मान देने के बजाय दिल्ली विधानसभा में अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय के चित्र स्थापित किए गए, जो दलित समाज का अपमान है।

दलित प्रतीक को नजरअंदाज किया गया- AAP

AAP ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सावित्रीबाई फुले भारत में महिला शिक्षा की जननी मानी जाती हैं और उन्होंने सामाजिक भेदभाव के बावजूद शिक्षा की अलख जगाई। इसके बावजूद उनकी जयंती पर दिल्ली सरकार ने उन्हें सम्मानित नहीं किया। पार्टी का आरोप है कि यह निर्णय भाजपा की ‘दलित-विरोधी सोच’ को उजागर करता है।

AAP दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सावित्रीबाई फुले की जयंती पर यदि किसी दलित महापुरुष का चित्र लगाया जाता, तो यह सदियों पुराने जातिगत भेदभाव पर एक मजबूत प्रहार होता। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह अवसर गंवा दिया और इसके उलट दो ब्राह्मण नेताओं के चित्र स्थापित कर दिए। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि इस मांग को उठाने वाले विधायकों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला शुरू करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है।

कुलदीप कुमार ने उठाए सवाल

कौंडली से AAP विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि कुछ दिन पहले विधानसभा समिति की बैठक में सावित्रीबाई फुले का चित्र लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मांग को दबाने के लिए न सिर्फ प्रस्ताव खारिज किया गया, बल्कि इसे उठाने वाले विधायकों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई भी शुरू की गई। कुलदीप कुमार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले दलित और पिछड़े समाज से थीं और उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष किया शायद यही कारण है कि सरकार उन्हें सम्मान देने से कतराती है।

AAP नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी या मदन मोहन मालवीय के चित्रों पर कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन सावित्रीबाई फुले जैसी समाज सुधारक को उसी दिन नजरअंदाज करना अस्वीकार्य है। पार्टी का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर अन्य नेताओं के चित्र लगाए गए, लेकिन दलित नायकों को सम्मान देने में सरकार असहज दिखती है।

विशेषाधिकार हनन पर नाराजगी

AAP का आरोप है कि दलित समाज की आवाज उठाने वाले विधायकों पर विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया और कहा कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।

इस पूरे विवाद के बाद दिल्ली की राजनीति और तेज हो गई है। AAP ने भाजपा सरकार पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा है कि सावित्रीबाई फुले का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और सियासी घमासान होने के आसार हैं।

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं