न्यूज स्कूप : देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सर्दियों का असर अब तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, इस सप्ताह दिल्ली-एनसीआर के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, जिसमें न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी। 11 और 12 दिसंबर को पारा गिरकर मात्र 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है, जो कड़ाके की ठंड की आधिकारिक शुरुआत का संकेत है।
आईएमडी का साप्ताहिक पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 9 से 14 दिसंबर के बीच के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।
- कोहरा और धुंध: पूरे सप्ताह सुबह के समय घना कोहरा और धुंध छाई रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता में भारी कमी आएगी और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
- हवा और तापमान: दिन में हल्के बादल और ठंडी हवाएं चलेंगी। हवा की रफ्तार 5 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रहने का अनुमान है। 9 दिसंबर को हवाएं सबसे अधिक तेज चलेंगी, जो तापमान को नीचे लेकर जाएंगी। 12 से 14 दिसंबर के बीच हल्के बादलों की वापसी हो सकती है।
- पश्चिमी विक्षोभ: 13 दिसंबर को पहाड़ों पर एक नए पश्चिमी विक्षोभ के पहुँचने का अनुमान है, जिसका असर उत्तरी भारत पर पड़ेगा, लेकिन दिल्ली में इसका प्रभाव सीमित रहेगा।
एनसीआर में प्रदूषण का कहर और ठंड की गहराई
दिल्ली के साथ ही एनसीआर के शहरों जैसे गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी ठंड तेजी से बढ़ेगी।
- प्रदूषण की स्थिति: 9 दिसंबर की सुबह से ही दिल्ली में ठंड के साथ धुंध और प्रदूषण का घनत्व बढ़ा रहा है। ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 280 के पार बना हुआ है, जबकि उत्तरी इलाकों में यह 300 के पार है। ठंड और कोहरे का मेल प्रदूषण कणों को सतह के करीब रखता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाता है।
- बर्फबारी का असर: पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के जरिए ठंड का असर और गहरा कर दिया है। आईएमडी ने चार राज्यों में बारिश की संभावना भी जताई है, जो उत्तरी भारत के तापमान को और नीचे ला सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का निष्कर्ष है कि आने वाले दिनों में लोगों को तेज ठंड, घने कोहरे और बढ़ते प्रदूषण से खुद को बचाने के लिए विशेष सावधानियां बरतने की ज़रूरत है।

