द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। इस घटना के बाद आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) ने बड़ा कदम उठाते हुए लाल किला को 15 नवंबर तक आम पर्यटकों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया है। ASI की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला एहतियातन तौर पर लिया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी में कड़ी निगरानी, जगह-जगह जांच तेज
10 नवंबर की शाम 6 बजकर 52 मिनट पर लाल किले के पास हुंडई i20 कार में हुए भीषण ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया। इस धमाके में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायलों का इलाज दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। धमाके के बाद दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियां हर एंगल से जांच में जुटी हैं। पुलिस की टीमें जगह-जगह बैरिकेड लगाकर वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच कर रही हैं।
त्योहारों के बीच सन्नाटा, बाजारों में गिरा व्यापार
त्योहार और शादी के सीजन में दिल्ली के बाजारों में आमतौर पर चहल-पहल रहती है, लेकिन ब्लास्ट के बाद से माहौल पूरी तरह बदल गया है। सुरक्षा कारणों और डर के चलते मुख्य बाजारों चांदनी चौक, सदर बाजार और करोल बाग में सन्नाटा पसरा हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि धमाके के बाद ग्राहक दुकानों पर आने से कतराने लगे हैं और ऑनलाइन ऑर्डर पर निर्भरता बढ़ गई है।
लाजपत राय मार्केट बंद, सरोजिनी में सामान्य हालात
लाल किले के पास स्थित लाजपत राय मार्केट, जो इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए जानी जाती है, धमाके के बाद से लगभग पूरी तरह बंद पड़ी है। दुकानदारों ने इसे सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है। हालांकि, सरोजिनी नगर जैसे इलाकों में ग्राहक सामान्य रूप से पहुंच रहे हैं और वहां पर रोज़मर्रा की गतिविधियां प्रभावित नहीं हुई हैं।
ब्लास्ट का मास्टरमाइंड डॉक्टर उमर, i20 में ले जाया जा रहा था IED
जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई सफेद हुंडई i20 कार डॉक्टर उमर के कब्जे में थी, जो इस हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। कार में विस्फोटक सामग्री (IED) रखी गई थी, जो तेज धमाके के साथ फट गई। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा, जांच एजेंसियों की चौकसी
लाल किला और उसके आसपास के इलाकों में CISF, NSG और दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार तैनात हैं। संवेदनशील जगहों पर चेहरों की स्कैनिंग और ड्रोन सर्विलांस शुरू किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी पुलिस को दें।
यह घटना एक बार फिर से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और इंटेलिजेंस नेटवर्क की गंभीर परीक्षा बन गई है। फिलहाल, जांच एजेंसियां ब्लास्ट के पीछे के आतंकी मॉड्यूल को सुलझाने में जुटी हैं।

