द लोकतंत्र : देश की राजधानी दिल्ली और उत्तरी भारत को निशाना बनाने की साजिश रच रहे आतंकवादियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश से 3 से अधिक आतंकियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये सभी पकड़े गए आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। सुरक्षा एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल के नेटवर्क पर काफी समय से नज़र बनाए हुए थीं।
दिल्ली ब्लास्ट और आतंकी कनेक्शन
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट ने देश की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
- ब्लास्ट का खुलासा: कार ब्लास्ट में 15 लोगों की जान गई थी। जांच में खुलासा हुआ था कि इस हमले के पीछे एक आतंकी डॉक्टर था और इसके तार पाकिस्तान स्थित आतंकवाद के आकाओं से जुड़े पाए गए थे।
- विभिन्न विचारधाराएं: पूर्व में हुए फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में पकड़े गए आतंकी अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित थे, जबकि कार ब्लास्ट का मुख्य आरोपी आतंकी डॉक्टर उमर नबी ISIS और जैश ए मोहम्मद की विचारधारा से प्रभावित बताया गया था।
- हाई अलर्ट: इस घटना के बाद से ही दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद को लेकर हाई अलर्ट पर हैं और आतंकियों को पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है।
ISI नेटवर्क और पूछताछ
स्पेशल सेल द्वारा शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े इन आतंकियों की गिरफ्तारी ने उत्तरी भारत में आतंकवाद के बढ़ते प्रभाव को चिह्नित किया है।
- अंतरराज्यीय संबंध: आतंकियों का उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से पकड़ा जाना इस मॉड्यूल के व्यापक विस्तार को दर्शाता है। स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए सभी संदिग्धों से फिलहाल पूछताछ जारी है ताकि उनके पूरे नेटवर्क, वित्तीय स्रोत और आगामी योजनाओं का खुलासा हो सके।
- प्रेस कॉन्फ्रेंस: दिल्ली पुलिस मुख्यालय के मीडिया सेंटर में आज रविवार (30 नवंबर) को शाम 4 बजे एडिशनल सीपी/स्पेशल सेल द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें इस पूरे ऑपरेशन को लेकर पूरी जानकारी और खुलासे किए जाएंगे।
यह सफलता देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम है, लेकिन निरंतर सतर्कता और खुफिया तंत्र को मजबूत करना आतंकवाद की इस सीमा पार चुनौती का समाधान है।

