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दिल्ली की हवा बन गई ‘जहर’, दीपावली के बाद दमघोंटू स्थिति! थरूर बोले- नवंबर में फेफड़ों की ‘कसौटी’ और बढ़ेगी

Delhi's air has become "poisonous," suffocating after Diwali! Tharoor says, "Lungs will be put to more stress in November."

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली में सर्दियां दस्तक देती हैं तो साथ में लेकर आती हैं दोहरी चुनौती – खतरनाक धुंध और बिगड़ती वायु गुणवत्ता। इस बार स्थिति और भयावह है। दीपावली के कुछ ही दिनों बाद राजधानी का आसमान धुएं से भर गया और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच कर लोगों को सांस लेना मुश्किल कर रहा है।

20 अक्टूबर को दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा में ज़हर घुल गया, और अब पूरा क्षेत्र प्रदूषण की मोटी चादर में लिपटा हुआ है। अस्पतालों में सांस और अस्थमा से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है, आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें तेज़ हो चुकी हैं।

जैसे-जैसे नवंबर का महीना चढ़ेगा, फेफड़ों पर परफॉरमेंस का बोझ बढ़ेगा!

इस बिगड़ती स्थिति पर लोग चिंतित हैं और विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। इसी पर तंज कसते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया दी। अपनी चुटीली लेकिन सधी हुई भाषा शैली के लिए जाने जाने वाले थरूर ने इस बार हिंदी में कहा, जैसे-जैसे नवंबर का महीना चढ़ेगा, फेफड़ों पर परफॉरमेंस का बोझ बढ़ेगा! थरूर का यह बयान छह नवंबर की सुबह रिकॉर्ड किए गए AQI आंकड़ों का हवाला देते हुए आया, जिसने एक बार फिर दिल्ली की वायु संकट पर राष्ट्रीय बहस को हवा दे दी।

दिल्ली की हवा: आंकड़े गिर रहे, ज़हर बरकरार

बीते कुछ दिनों में AQI में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत सिर्फ कागज़ों पर है। हवा का ज़हर अभी भी उतना ही घातक है। शहर की हवा में पार्टिकुलेट मैटर का स्तर WHO मानक से कई गुना ज़्यादा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में नमी और ठंड बढ़ने के साथ-साथ प्रदूषक कण धरातल पर जमने लगते हैं, जिससे स्मॉग और घना दिखता है। ऐसे में सांस लेना और कठिन हो जाता है।

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद हर जगह हालात चिंताजनक हैं। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकारें AQI के आंकड़ों के खेल में उलझी हैं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहीं। वहीं दूसरी ओर पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों का सिलसिला भी पूरी तरह रुका नहीं है।

Team The Loktantra

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