द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लिए विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 9 विकास योजनाओं का उद्घाटन किया और 2 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन सभी योजनाओं पर कुल 373 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में द्वीप समूह को अब विकास के नए युग में प्रवेश कराया जा रहा है और इन्हें देश के विकसित राज्यों के समकक्ष लाने का प्रयास तेज़ी से किया जा रहा है।
अमित शाह ने बताया कि इन योजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण 229 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर है, जो प्रशासन, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और नागरिक सेवाओं को एक ही मंच पर जोड़कर द्वीप समूह की कार्यक्षमता को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने कहा कि यह सेंटर तकनीकी रूप से अत्याधुनिक होगा और ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप काम करेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा सुधार
गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं का बड़ा लाभ स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा। खास तौर पर आईसीयू, क्रिटिकल केयर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए मुख्य भूमि पर निर्भर न रहना पड़े। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बेहतर सड़कों का निर्माण कर द्वीपों की कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा, जिससे आम लोगों और पर्यटकों दोनों को सुविधा होगी।
अपने संबोधन में अमित शाह ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यहां कई स्वतंत्रता सेनानियों ने लंबा समय कारावास में बिताया और अनेक वीरों ने यहीं अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने सेल्युलर जेल में बने वीर सावरकर स्मारक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल आज भी देश और दुनिया को उन हजारों बलिदानों की याद दिलाता है, जिन्होंने भारत की आजादी की नींव रखी।
पर्यटन की अपार संभावनाएं
अमित शाह ने यह भी स्मरण कराया कि सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1941 को पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था, जो भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वीप समूह में पर्यटन की अपार संभावनाएं देख रही है और इसे भविष्य में एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक मजबूती मिलेगी।
गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को ‘विकसित भारत’ की यात्रा का अहम हिस्सा बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, सड़क, पर्यटन और प्रशासनिक सुधारों के जरिए द्वीपों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जाएगा, ताकि यहां के नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

