द लोकतंत्र/ अयोध्या : श्री राम जन्मभूमि अयोध्या कार्तिक मेले में इस बार भक्ति और आस्था का ऐसा महासंगम देखने को मिल रहा है, जैसा शायद पहले कभी नहीं देखा गया। रामलला के दर्शन की अदम्य उत्सुकता अयोध्या पहुँचे श्रद्धालुओं के चेहरों पर साफ झलक रही है। दरअसल, हर दिन लाखों की संख्या में भक्त राम जन्मभूमि परिसर पहुंच रहे हैं और प्रभु श्रीराम के दर्शन कर स्वयं को धन्य समझ रहे हैं। स्थानीय संवाददाता के अनुसार मंदिर परिसर में सुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लग जाती हैं और भक्ति का यह उत्साह देर रात तक बना रहता है।
अयोध्या पहुँच रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि रामलला के दर्शन का अनुभव अविस्मरणीय है। जैसे ही वे रामलला के दरबार में प्रवेश करते हैं, चेहरे पर भावनाओं की बाढ़ और आंखों में आंसू बहने लगते हैं। कोई श्रद्धा से हाथ जोड़े खड़ा है, कोई आंख बंद कर ध्यान मग्न है तो कोई राजा राम की दिव्य छवि को निहारते नहीं थक रहा। चारों ओर गूंजता ‘जय श्रीराम’ हर आगंतुक के हृदय में भक्ति का स्पंदन पैदा कर रहा है। अयोध्या की पावन धरती इन दिनों मानो आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत है।
व्यवस्था और सुरक्षा में ट्रस्ट पूरी तरह सतर्क
बता दें, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष इंतज़ाम किए हैं। ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार, रोज लगभग एक से डेढ़ लाख भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सुरक्षा कर्मी, स्वयंसेवक और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी में जुटे हैं ताकि दर्शन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सक दल, शेड एरिया, और विश्राम स्थलों की व्यवस्था की गई है।
दर्शनार्थियों की संख्या (5 दिनों में 7 लाख+ श्रद्धालु)
कार्तिक मेले के पहले पांच दिनों में रामलला के दरबार में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी। 29 अक्टूबर को लगभग 2.12 लाख भक्तों ने दर्शन किए, जिसके साथ मेले की शुरुआत ही भव्यता से हुई। 30 अक्टूबर को यह संख्या थोड़ी कम रही और करीब 1.18 लाख श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे। इसके बाद 31 अक्टूबर को फिर से भीड़ में जोरदार उछाल देखने को मिला और करीब 1.74 लाख लोगों ने रामलला के दर्शन किए।
नवंबर का पहला दिन भी भक्तिभाव से सराबोर रहा और 1.12 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर प्रभु का आशीर्वाद लिया। वहीं 2 नवंबर को शाम सात बजे तक ही 1.05 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इन आंकड़ों से साफ है कि कार्तिक मेला इस बार आस्था के ऐतिहासिक चरम पर है और हर गुजरते दिन के साथ श्रद्धा का यह सैलाब और भी प्रबल होता जा रहा है।
इन आंकड़ों से साफ है कि कार्तिक मेले ने इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु आकर्षित किए हैं। भक्तों की उमड़ी भीड़ यह साबित कर रही है कि अयोध्या में रामलला के दर्शन अब केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, आस्था और आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र बन चुके हैं।

