द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया। भद्रवाह के खन्नी टॉप क्षेत्र में सेना का एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें भारतीय सेना के 10 जवान शहीद हो गए, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस वक्त हुआ, जब सैनिकों को लेकर जा रहा वाहन खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बीच फिसलकर सड़क से नीचे जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इलाके में तेज बारिश और फिसलन भरी सड़कें दुर्घटना की बड़ी वजह बनीं।
डोडा की घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरा दुख व्यक्त किया
इस दर्दनाक घटना पर द्रौपदी मुर्मू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि डोडा, जम्मू-कश्मीर में सड़क दुर्घटना में भारतीय सेना के जवानों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने शहीद सैनिकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। राष्ट्रपति का संदेश इस बात का प्रतीक है कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में सेना और शहीद परिवारों के साथ खड़ा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने भी जताया दुख
जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए सड़क हादसे से मन अत्यंत व्यथित है। इस हादसे में हमने अपने जिन वीर जवानों को खोया है, उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। घायल जवानों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। सभी जवान शीघ्रातिशीघ्र स्वस्थ हों, ईश्वर से यह कामना है।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भी इस हादसे पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि देश ने अपने 10 बहादुर सपूतों को खो दिया है और यह क्षति अपूरणीय है। राज्यपाल ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की, साथ ही घायल सैनिकों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
इससे पहले केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी हादसे पर गहरी संवेदना प्रकट की थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र अपने वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगा और उनकी सेवा को सदैव सम्मान के साथ याद रखा जाएगा।
सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि यह दुर्घटना खराब मौसम और खतरनाक भू-भाग के कारण हुई। वाहन फिसलकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे कई सैनिक हताहत हुए। हादसे की सूचना मिलते ही सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद विशेष इलाज के लिए हवाई मार्ग से उधमपुर ले जाया गया।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा राष्ट्र शहीद सैनिकों के परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायल जवानों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उपराज्यपाल कार्यालय के बयान में कहा गया कि देश इन वीर जवानों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेगा।

