द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के सदस्य शशि थरूर ने सोमवार (5 जनवरी, 2026) को साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने कभी भी पार्टी की विचारधारा या लाइन से अलग रुख नहीं अपनाया है। उनके हालिया बयानों और लेखों को लेकर कांग्रेस के भीतर जो चर्चाएं और विवाद सामने आए थे, उन पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि अधिकतर मामलों में उनकी राय और पार्टी का स्टैंड एक ही रहा है।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) की ओर से सुल्तान बाथरी में आयोजित ‘मिशन 2026’ नेतृत्व शिविर में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह सवाल ही गलत है कि उन्होंने पार्टी की विचारधारा का उल्लंघन किया है। थरूर ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग मुद्दों पर राय रखना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है और इसे पार्टी विरोधी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
विवाद सुर्खियों से पैदा होते हैं, पूरे लेख से नहीं
अपने बयानों पर उठे विवादों को लेकर शशि थरूर ने मीडिया कवरेज पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई बार लोग पूरी बात पढ़े बिना केवल हेडलाइन के आधार पर राय बना लेते हैं। थरूर के मुताबिक, जब वह लोगों से पूछते हैं कि क्या उन्होंने उनका पूरा लेख या पोस्ट पढ़ा है, तो ज्यादातर लोग इसका जवाब ‘नहीं’ में देते हैं।
उन्होंने कहा कि संसद में मंत्रियों के सामने उठाए गए सवालों की भी एक स्पष्ट दिशा थी और पार्टी को उससे असहज होने की जरूरत नहीं है। थरूर ने जोर देकर कहा कि वह पिछले 17 वर्षों से कांग्रेस में हैं और अपने सहयोगियों के साथ उनके संबंध मजबूत और सकारात्मक रहे हैं। ऐसे में किसी तरह की ‘अचानक गलतफहमी’ पैदा करने का कोई कारण नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव और आडवाणी पर टिप्पणी का मुद्दा
यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी के भीतर मतभेद कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के बाद शुरू हुए, थरूर ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और उसके इतिहास में कई आंतरिक चुनाव हुए हैं। उन्होंने साफ कहा, मैंने चुनाव लड़ा और हार गया, बात वहीं खत्म हो गई। इसमें कोई कहानी ढूंढने की जरूरत नहीं है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर भी थरूर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि आडवाणी के 98वें जन्मदिन पर उन्हें बधाई देना भारतीय संस्कृति और शिष्टाचार का हिस्सा था। इसे राजनीतिक समर्थन के रूप में देखना गलत है। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जुड़ी कथित प्रशंसा पर उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कही गई बातों को उद्धृत किया था। पूरा पोस्ट पढ़ने पर साफ हो जाता है कि उसमें किसी तरह की प्रशंसा नहीं थी।
केरल चुनाव, नेतृत्व और भविष्य की राजनीति
केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर शशि थरूर ने कहा कि उम्मीदवारों के चयन और रणनीति पर पार्टी नेतृत्व और राज्य नेताओं से व्यापक परामर्श किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस के पास केरल में मजबूत नेतृत्व की कोई कमी नहीं है और मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला विधायकों की राय से लिया जाएगा।
थरूर ने यह भी कहा कि वह केरल की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। संसदीय जिम्मेदारियों के बावजूद वे राज्य में चुनाव प्रचार और संगठनात्मक गतिविधियों में पहले से ज्यादा सक्रिय नजर आएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा और कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी की पूरी संभावना है।

