द लोकतंत्र/ वाराणसी : साल 2025 अब अंतिम चरण में है और वर्ष को विदाई देने व नए साल का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग काशी पहुंच रहे हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और नया साल आने से पहले ही यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। लोग पुराने वर्ष को पवित्र नगरी में भगवान शिव के समक्ष समर्पित कर, नए वर्ष का शुभारंभ बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेकर करना चाहते हैं। इस बीच प्रशासन भी पूरी व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है ताकि लाखों भक्त सुचारू रूप से दर्शन कर सकें।
2025 के दौरान रिकॉर्ड 7.25 करोड़ श्रद्धालु दर्शन को आये
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा के अनुसार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में वर्ष 2025 के दौरान रिकॉर्ड 7.25 करोड़ श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष महाकुंभ के दौरान सबसे अधिक भीड़ काशी में दर्ज की गई और अब वर्ष के अंतिम सप्ताह और नए साल के अवसर पर भी लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना है। सामान्य दिनों की तुलना में वर्तमान समय में श्रद्धालुओं की भीड़ कई गुना अधिक है, जिसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष योजनाएं लागू की हैं।
हालात को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विशेष सुविधाओं और स्पर्श दर्शन पर 2 जनवरी तक रोक लगा दी है। अधिकारी का कहना है कि भक्तों की सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता है। इसलिए कतारों और भीड़ को नियंत्रित करते हुए दर्शन व्यवस्था को सहज बनाए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि परिसर में सुरक्षा, आपात व्यवस्था, मार्गदर्शन केंद्र और सेवाभावी समिति को सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो।
नये वर्ष पर 7 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
नए साल पर धार्मिक पर्यटन में उछाल की संभावना और ज्यादा है। अनुमान लगाया गया है कि 31 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच 7 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए शहर में यातायात, पार्किंग, बैरिकेडिंग और प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त इंतज़ाम किए गए हैं। गंगा घाटों से लेकर विश्वनाथ धाम तक का इलाका रोशनी में नहाया हुआ है और भक्तों के स्वागत के लिए तैयार है।
काशी में नए वर्ष का स्वागत आध्यात्मिक उत्सव के रूप में देखा जाता है। दुनिया भर से आए भक्त रुद्राभिषेक, विशेष पूजा और गंगा आरती में शामिल होकर नए साल की शुरुआत शुभ और पवित्र बनाना चाहते हैं। 2025 में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना यह संकेत देता है कि काशी न सिर्फ धार्मिक केंद्र बल्कि वैश्विक आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

