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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी

In a major setback for the TMC ahead of the West Bengal assembly elections, Rajya Sabha MP Mausam Noor returns to the Congress party.

द लोकतंत्र/ कोलकाता : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की राज्यसभा सांसद मौसम नूर ने शनिवार (3 जनवरी 2026) को कांग्रेस का दामन फिर से थाम लिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज होती जा रही हैं और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति को धार देने में जुटे हैं।

चुनावी माहौल में TMC के लिए बड़ा झटका

मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी को राजनीतिक गलियारों में ‘घर वापसी’ के रूप में देखा जा रहा है। वह पहले कांग्रेस की ही वरिष्ठ नेता रह चुकी हैं और बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई थीं। उनके इस फैसले से न सिर्फ TMC की अंदरूनी सियासत पर सवाल उठे हैं, बल्कि यह संकेत भी मिला है कि पार्टी में असंतोष पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। खासतौर पर मालदा और उत्तर बंगाल जैसे इलाकों में यह बदलाव चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

मौसम नूर मालदा के प्रभावशाली खान चौधरी परिवार से आती हैं, जिसका उत्तर बंगाल की राजनीति में लंबे समय से खासा असर रहा है। इस परिवार का मुस्लिम बहुल इलाकों में मजबूत जनाधार माना जाता है। ऐसे में मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी से इन क्षेत्रों में कांग्रेस को नई ऊर्जा मिल सकती है, जबकि TMC के लिए यह सीधी राजनीतिक क्षति मानी जा रही है।

राज्यसभा से इस्तीफे की तैयारी

मौसम नूर ने यह भी साफ कर दिया है कि वह अगले सोमवार (5 जनवरी 2026) को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगी। हालांकि उनका कार्यकाल वैसे भी अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है, लेकिन चुनाव से पहले इस्तीफा देकर वह जमीनी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का संकेत दे रही हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में मालदा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।

दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मौसम नूर ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने इसे पश्चिम बंगाल में संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया और कहा कि मौसम नूर का अनुभव और जनाधार कांग्रेस के लिए उपयोगी साबित होगा।

मौसम नूर का राजनीतिक सफर

मौसम नूर का राजनीतिक सफर काफी सक्रिय और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वह 2009 और 2014 में कांग्रेस के टिकट पर मालदा उत्तर से लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। 2011 में उन्हें पश्चिम बंगाल युवा कांग्रेस की अध्यक्षता भी मिली। जनवरी 2019 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस जॉइन की और उसी साल लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2020 में TMC ने उन्हें राज्यसभा भेजा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी से मालदा और आसपास के क्षेत्रों में मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। कांग्रेस को जहां इससे नया संबल मिलने की उम्मीद है, वहीं तृणमूल कांग्रेस के लिए यह चुनाव से पहले एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस बदलाव का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।

Team The Loktantra

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