द लोकतंत्र/ लखनऊ : लखनऊ में बुधवार सुबह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के आवास पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। छापे को लेकर उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, जो उमाशंकर सिंह के समधी भी हैं, ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक ओर आयकर विभाग की कार्रवाई पर आपत्ति जताई, तो दूसरी ओर पारिवारिक मूल्यों और नैतिक जिम्मेदारियों की बात भी कही।
नवभारतटाइम्स ऑनलाइन से बातचीत में दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि वे राजनीतिक जीवन के साथ-साथ पारिवारिक रिश्तों को भी समान महत्व देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी उमाशंकर सिंह के परिवार में विवाहित है और यह उनका पारिवारिक संबंध है, न कि राजनीतिक। उन्होंने कहा कि वे एक पिता होने के नाते अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और सुख-दुख में बेटी के साथ खड़ा रहना उनका कर्तव्य है।
बीमारी का हवाला, कार्रवाई के समय पर सवाल
दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उमाशंकर सिंह की गंभीर बीमारी का जिक्र किया और दावा किया कि इस दौरान डॉक्टरों और नर्सों को भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने लिखा कि यदि इस स्थिति में उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचता है तो संबंधित संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। उन्होंने कहा कि दुर्लभ मामलों में न्यायालय भी मानवीय आधार पर राहत देता है, ऐसे में संवेदनशील परिस्थितियों में कार्रवाई पर पुनर्विचार होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उमाशंकर सिंह किसी प्रकार के आरोपों में दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए, लेकिन समय और परिस्थिति का ध्यान रखना भी जरूरी है। दिनेश प्रताप सिंह ने पारिवारिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने पारिवारिक संबंधों को समझता है, वही सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों को भी ईमानदारी से निभा सकता है।
इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर आयकर विभाग की कार्रवाई को कानून के तहत बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मानवीय दृष्टिकोण से सवाल भी उठ रहे हैं। फिलहाल विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।

