द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दुबई एयरशो 2025 में शुक्रवार का दिन भारत के लिए बेहद दुखद साबित हुआ, जब भारतीय वायुसेना (IAF) का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस हवाई प्रदर्शन के दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमंश स्याल शहीद हो गए। वह हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निवासी थे और देश के उभरते हुए कुशल लड़ाकू पायलटों में से एक माने जाते थे।
दुर्घटना के कारणों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है
दुर्घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसमें तेजस को तेजी से नीचे गिरते और फिर ज़ोरदार विस्फोट के साथ आग के गोले में तब्दील होते देखा जा सकता है। दुर्घटना के कारणों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय वायुसेना ने बयान जारी कर कहा कि हादसे की विस्तृत जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की गई है।
IAF ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, भारतीय वायुसेना इस हादसे में हुए बहुमूल्य जीवन-हानि से अत्यंत व्यथित है और इस कठिन समय में हम शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने हेतु कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया जा रहा है।
इस दुर्घटना को लेकर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल इस दुखद समय में विंग कमांडर स्याल के परिवार के साथ हैं। जनरल चौहान ने तेजस को भारत की स्वदेशी सामरिक क्षमता का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस हादसे की हर एंगल से जांच की जाएगी।
हादसे के बाद देशभर से श्रद्धांजलियों का सिलसिला
दुबई एयरशो, दुनिया के सबसे बड़े एविएशन आयोजनों में से एक है, जहाँ इस वर्ष 150 देशों के 1,500 से अधिक प्रदर्शक और लगभग 1.48 लाख पेशेवर शामिल हुए हैं। भारतीय तेजस फाइटर जेट का प्रदर्शन इस एयरशो का प्रमुख आकर्षण था। रक्षा मंत्रालय ने 18 नवंबर को इसकी पुष्टि की थी कि तेजस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की एयरोस्पेस क्षमता को उजागर करेगा।
हादसे के बाद देशभर से श्रद्धांजलियों का सिलसिला शुरू हो गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुबई एयरशो के दौरान एक साहसी भारतीय वायुसेना पायलट के निधन से गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएँ शोक संतप्त परिवार के साथ हैं। पूरा देश उनके बलिदान को सलाम करता है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के इस बहादुर पायलट की शहादत देश के लिए अपूरणीय क्षति है और पूरा राष्ट्र उनके परिवार के साथ खड़ा है। तेजस लड़ाकू विमान भारत की स्वदेशी सैन्य तकनीक का गर्व माना जाता है।
यह घटना भारत की एयरोस्पेस क्षमताओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा का विषय बन गई है। फिलहाल वायुसेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी इस दुर्घटना के तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी। विंग कमांडर नमंश स्याल के निधन ने देश को शोक में डूबा दिया है। उनका बलिदान हमेशा भारतीय वायुसेना की गौरवशाली गाथा का हिस्सा रहेगा।

