द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर दौरे पर रहेंगे। यह दौरा शहर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने की घटना के बाद हो रहा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पुष्टि की है कि राहुल गांधी इस मानवीय त्रासदी से प्रभावित परिवारों से मिलकर एकजुटता व्यक्त करेंगे और जमीनी हालात का जायजा लेंगे।
कांग्रेस के मुताबिक राहुल गांधी शनिवार सुबह करीब 11:15 बजे इंदौर पहुंचेंगे। सबसे पहले वे बॉम्बे हॉस्पिटल जाकर दूषित पानी के कारण भर्ती मरीजों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे भागीरथपुरा क्षेत्र जाएंगे, जहां सबसे अधिक प्रभावित परिवार रहते हैं। पार्टी का कहना है कि यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि पीड़ितों के दर्द को समझने और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक कदम है।
कांग्रेस का विरोध और सरकार पर सवाल
राहुल गांधी के दौरे के साथ ही कांग्रेस पार्टी दूषित पानी के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी करेगी। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की मौजूदगी में इंदौर में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। पार्टी के मीडिया सेल के अनुसार, पूरे प्रदेश में महात्मा गांधी की प्रतिमाओं के पास शांतिपूर्ण धरना देकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में गंभीर लापरवाही हुई, जिसकी कीमत आम नागरिकों को जान देकर चुकानी पड़ी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का पलटवार
राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार ने भागीरथपुरा के लोगों के दर्द को समझा है और प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पर आपदाओं को राजनीति का अवसर बनाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संवेदनशीलता के साथ स्थिति को संभाल रही है और यदि विपक्ष सकारात्मक सुझाव देता है तो उन्हें स्वीकार किया जाएगा, लेकिन त्रासदी के समय राजनीति करना जनता को स्वीकार नहीं होगा।
विजयवर्गीय का तंज, स्वच्छता पर बहस
राज्य के शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में रहा है और विकास के रास्ते में चुनौतियां आती-जाती रहती हैं। उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों को यह भी देखना चाहिए कि भाजपा सरकार ने शहर के बुनियादी ढांचे और शहरी सेवाओं के लिए क्या-क्या काम किए हैं।
मानवीय संकट से सियासी टकराव तक
इंदौर की यह घटना अब मानवीय संकट से आगे बढ़कर राजनीतिक टकराव का रूप ले चुकी है। एक ओर कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने और जवाबदेही तय करने की बात कर रही है, वहीं सरकार का कहना है कि राहत और सुधार के प्रयास जारी हैं और राजनीति से बचना चाहिए। राहुल गांधी का यह दौरा न सिर्फ पीड़ितों के लिए संबल का संदेश देगा, बल्कि दूषित पानी, शहरी स्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में भी ला सकता है।

