द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे को जान से मारने की धमकी मिलने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। आनंद दुबे ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की है और बताया कि उन्हें यह धमकी उनके हालिया सार्वजनिक बयान के बाद मिली है।
दरअसल, आनंद दुबे ने एक दिन पहले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उस फैसले का समर्थन किया था, जिसमें आईपीएल 2026 के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को बाहर करने का निर्देश दिया गया था। इस फैसले के समर्थन में दिए गए बयान के बाद ही उन्हें धमकी भरे कॉल और मैसेज मिलने लगे। आनंद दुबे का दावा है कि धमकी देने वालों ने न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके परिवार को भी निशाना बनाने की बात कही, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
मुस्तफिजुर को बाहर करने का शिवसेना (UBT) प्रवक्ता ने किया था समर्थन
दरअसल, आईपीएल 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के स्क्वॉड से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बाहर किए जाने के फैसले का राजनीतिक असर तेज हो गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने इस निर्णय का खुलकर स्वागत करते हुए कहा था कि मौजूदा राजनीतिक हालात और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों के बीच किसी भी बांग्लादेशी क्रिकेटर को भारतीय जमीन पर खेलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने इसे राष्ट्रहित और भावनाओं से जुड़ा मामला बताया।
शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा था कि भारत विरोधी गतिविधियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की पृष्ठभूमि में यह फैसला जरूरी था। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत के खिलाफ साजिशें रची जाती रही हैं, अब देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। दुबे ने दावा किया कि मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम में शामिल किए जाने के तुरंत बाद उनकी पार्टी ने इसका विरोध किया था और बहिष्कार की मांग उठाई थी। उनके अनुसार, देर से ही सही, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सही कदम उठाया है।
धमकियों का आरोप, पुलिस से मांगी सुरक्षा
आनंद दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने के बाद उन्हें विदेश से धमकी भरे कॉल और संदेश मिले। उन्होंने कहा कि देर रात उन्हें कई व्हाट्सऐप कॉल आए, जिनमें न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके परिवार को भी गालियां दी गईं और देश को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। इस पूरे मामले की जानकारी उन्होंने पुलिस को दी, जिसके बाद सुरक्षा और सतर्कता का आश्वासन मिला। दुबे ने कहा कि वे न डरेंगे और न ही अपने विचार रखने से पीछे हटेंगे, क्योंकि यह लोकतांत्रिक अधिकार है।
BCCI के निर्देश पर KKR का फैसला
गौरतलब है कि तीन बार की आईपीएल चैंपियन KKR ने मुस्तफिजुर रहमान को 2026 सीजन के लिए करीब 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि, उनके चयन के बाद राजनीतिक दलों और कुछ सामाजिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। बाद में BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि ‘हालिया घटनाक्रम’ को देखते हुए बोर्ड ने KKR को मुस्तफिजुर को रिलीज करने का निर्देश दिया है और फ्रेंचाइजी को उनके स्थान पर किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल करने की अनुमति दी जाएगी।
KKR ने भी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसने नियमानुसार और BCCI के निर्देशों के तहत यह फैसला लिया है। आने वाले दिनों में टीम नए खिलाड़ी की घोषणा कर सकती है।
राजनीति और खेल के टकराव पर बहस तेज
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर खेल और राजनीति के रिश्ते पर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे राष्ट्रहित से जुड़ा फैसला बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खेल को राजनीति से दूर रखने की मांग भी उठ रही है। फिलहाल, IPL 2026 से पहले यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

