द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद नई दिल्ली के जामिया नगर इलाके में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। खबर फैलते ही क्षेत्र में सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। माहौल भावुकता और आक्रोश दोनों से भरा रहा, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया गया।
प्रदर्शनकारियों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। “इजराइल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे। कई लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे, जिनमें ईरान के समर्थन और हमलों के विरोध में संदेश लिखे थे। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि वे ईरान के साथ एकजुटता जताने के लिए सड़कों पर उतरे हैं।
शांतिपूर्ण विरोध का दावा, स्थानीय स्तर पर चिंता भी
जामिया नगर और आसपास के क्षेत्रों से आए कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल एक देश का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय और वैश्विक शांति का सवाल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य हिंसा नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना है।
वहीं, कुछ स्थानीय निवासियों ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर स्थानीय माहौल पर न पड़े, इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी तरह की उत्तेजना से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। सोशल मीडिया पर भी इस प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे भावनात्मक एकजुटता का प्रतीक बताया, जबकि कुछ ने इसे अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम कहा।
पुलिस अलर्ट, हालात नियंत्रण में
स्थिति को देखते हुए Delhi Police ने जामिया नगर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से कानून हाथ में न लेने और शांति बनाए रखने की अपील की।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी बड़े टकराव या हिंसा की सूचना नहीं है और हालात नियंत्रण में हैं। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है। दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन को व्यापक वैश्विक घटनाक्रम की स्थानीय प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।

